राजस्थान के जैसलमेर सैन्य स्टेशन के पास देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में भारतीय सेना के एक युवा मेजर की जान चली गई, जबकि लेफ्टिनेंट रैंक के दो अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका निजी एसयूवी एक ऊंट से टकराकर कई बार पलट गया।
यह हादसा शुक्रवार की तड़के करीब 12:30 बजे, यानी गुरुवार देर रात से शुक्रवार तड़के के बीच हुआ। घटना जैसलमेर शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर वार म्यूजियम के पास थैयात सेना क्षेत्र में हुई। हादसे के समय मेजर हमजा आरिफ, उम्र 30 वर्ष, वाहन चला रहे थे। वे मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले थे और करीब एक महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार तीनों अधिकारी जैसलमेर शहर से सैन्य स्टेशन लौट रहे थे। काले रंग की टाटा सफारी एसयूवी, जिसका पंजीकरण नंबर GJ39CC1403 है, जैसे ही रास्ते पर पहुंची, अचानक एक ऊंट सामने आ गया। चालक के पास संभलने का समय नहीं बचा और वाहन ऊंट से टकराकर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद एसयूवी चार से पांच बार पलटी और लगभग 100 मीटर तक घिसटते हुए सेना की सीमा दीवार के पास रुक गई। तेज टक्कर में ऊंट की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही सेना के जवान और अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे तीनों अधिकारियों को बाहर निकाला और तुरंत सैन्य अस्पताल, जैसलमेर सैन्य स्टेशन (थैयात) पहुंचाया। उपचार के दौरान मेजर हमजा आरिफ की मौत हो गई। बाद में उनका शव जैसलमेर के जवाहर अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
घायल अधिकारियों की पहचान लेफ्टिनेंट अभिनव राठौर और लेफ्टिनेंट आयुष्मान गुसाईं के रूप में हुई है। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज सैन्य अस्पताल में जारी है। अधिकारियों की ओर से उनकी सटीक चिकित्सीय स्थिति अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
जांच जारी
स्थानीय पुलिस और सैन्य पुलिस ने हादसे की परिस्थितियों की संयुक्त जांच शुरू कर दी है। सदर पुलिस थाना के एएसआई जगदीश चारण के अनुसार पुलिस को देर रात सूचना मिली थी कि वार म्यूजियम के आगे सड़क पर ऊंट से टकराने के बाद एक वाहन पलट गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सड़क पर ऊंट अचानक आ जाने से चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और यह जानलेवा दुर्घटना हुई। अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि सड़क का अंधेरा हिस्सा और ऊंट का वाहन के रास्ते में आना किन परिस्थितियों में हुआ।
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी, राजस्थान, लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन ने कहा कि विस्तृत जानकारी आधिकारिक विवरण पूरी तरह उपलब्ध होने के बाद साझा की जाएगी।
सैन्य स्टेशन में शोक का माहौल
इस हादसे ने जैसलमेर सैन्य स्टेशन में गहरा शोक छा दिया है, जहां ये अधिकारी तैनात थे। साथी जवानों और अधिकारियों ने एक युवा मेजर की अचानक मौत पर गहरा दुख और सदमा व्यक्त किया, जिसने हाल ही में अपने निजी जीवन का नया अध्याय शुरू किया था।
हादसे वाली यह सड़क वार म्यूजियम और थैयात क्षेत्र के पास वही हिस्सा है, जहां पहले भी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें अक्टूबर 2025 की एक बड़ी बस आग की घटना भी शामिल है।
मेजर हमजा आरिफ का परिचय
मेजर हमजा आरिफ, उम्र 30 वर्ष, मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले थे। बताया गया है कि हादसे से लगभग एक महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। उनके बारे में या उनकी इकाई के बारे में सीमित व्यक्तिगत जानकारी ही अभी तक जारी की गई है, जो ऐसे मामलों में सेना और परिवार से औपचारिक सूचना आने तक सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है।
अधिकारियों की ओर से घायल दोनों लेफ्टिनेंटों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जांच आगे बढ़ने और भारतीय सेना तथा स्थानीय पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान जारी होने के साथ और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
यह घटना एक बार फिर राजस्थान में सैन्य स्टेशन के पास और मरुस्थलीय सड़कों पर रात के समय अचानक पशु के सामने आ जाने से होने वाले खतरे को उजागर करती है, जहां कम दृश्यता दुर्घटना की आशंका बढ़ा देती है।