लखनऊ स्थित सेना कौशल प्रशिक्षण केंद्र में ‘सृजन’ का उद्घाटन श्रीमती रुचिरा सेंगुप्ता, क्षेत्रीय अध्यक्ष, सूर्य कमान आर्मी वूमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन (एडब्ल्यूडब्ल्यूए) ने किया।
‘सृजन’ भारत की सुंदर हस्तकला और परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है, साथ ही दक्ष परिवारजनों को अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर भी देता है। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभा को संवारना, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और कौशल को सार्थक अवसरों में बदलना है।
इस पहल के माध्यम से भारत की हस्तकला और परंपराओं को सामने लाया गया है, जबकि दक्ष परिवारजनों को अपने रचनात्मक कार्य प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। यह मंच कौशल, रचनात्मकता और पारंपरिक शिल्प को एक साझा स्थान पर लाता है।
श्रीमती रुचिरा सेंगुप्ता ने लखनऊ के सेना कौशल प्रशिक्षण केंद्र के अपने दौरे के दौरान इस पहल का उद्घाटन किया। सूर्य कमान एडब्ल्यूडब्ल्यूए की क्षेत्रीय अध्यक्ष के रूप में उन्होंने ‘सृजन’ को सेना परिवारों की रचनात्मकता और कौशल को प्रदर्शित करने वाले मंच के रूप में शुरू किया।
यह पहल दक्ष परिवारजनों में आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य का भी समर्थन करती है। उनकी रचनात्मकता को दिखाने के लिए एक समर्पित स्थान उपलब्ध कराकर ‘सृजन’ मौजूदा कौशल को सार्थक अवसरों में बदलने का प्रयास करता है।
यह मंच भारत की हस्तकला और परंपराओं को उजागर करते हुए दक्ष परिवारजनों को अपनी रचनात्मक क्षमताएँ प्रस्तुत करने का अवसर देता है। यह पारंपरिक शिल्प के प्रदर्शन और परिवारजनों के कौशल प्रदर्शन को एक साथ जोड़ता है।
लखनऊ स्थित सेना कौशल प्रशिक्षण केंद्र में ‘सृजन’ सूर्य कमान एडब्ल्यूडब्ल्यूए के उस सतत प्रयास को दर्शाता है, जिसके तहत प्रतिभा को संवारने और दक्ष परिवारजनों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है।
यह पहल परिवारजनों को अपनी रचनात्मकता दिखाने के साथ-साथ भारत की हस्तकला और परंपराओं को प्रस्तुत करने का अवसर देती है। इसका उद्देश्य एक समर्पित मंच के माध्यम से कौशल को सार्थक अवसरों में बदलने में मदद करना है।
श्रीमती रुचिरा सेंगुप्ता द्वारा किया गया उद्घाटन इस पहल को रचनात्मकता, कौशल और भारत की पारंपरिक हस्तकलाओं के मंच के रूप में सामने लाता है। ‘सृजन’ दक्ष परिवारजनों को अपना कार्य प्रदर्शित करने का अवसर देता है और उनके कौशल के निरंतर विकास तथा उपयोग को प्रोत्साहित करता है।
‘सृजन’ जैसी पहलों के माध्यम से एडब्ल्यूडब्ल्यूए प्रतिभा को संवारने, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और दक्ष परिवारजनों को अपनी रचनात्मकता तथा कौशल प्रदर्शित करने के अवसर देने का कार्य जारी रखे हुए है।
इस प्रकार लखनऊ स्थित एएसटीसी में यह पहल भारत की सुंदर हस्तकला, परंपराओं और दक्ष परिवारजनों की रचनात्मकता को एक साथ लाती है तथा उनके कौशल को प्रदर्शित करने और सार्थक अवसरों में विकसित करने का मंच प्रदान करती है।