कमान्ड अस्पताल (सेंट्रल कमांड), लखनऊ के नर्सिंग कॉलेज में आयोजित कमीशनिंग समारोह-2026 के दौरान सैन्य नर्सिंग सेवा के नए बैच के अधिकारियों को सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं में कमीशन दिया गया। यह सैन्य स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी गई।
समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल जे. देबनाथ, कमांडेंट, आर्मी मेडिकल कोर (एएमसी) केंद्र और कॉलेज, उपस्थित रहे। उन्होंने सैन्य और व्यावसायिक नर्सिंग प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर नए अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने उनके समर्पण, धैर्य और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की एक प्रतिष्ठित शाखा में शामिल होने की प्रतिबद्धता की सराहना की।
समारोह के दौरान नव-नियुक्त अधिकारियों ने व्यावसायिक शपथ ली और चिकित्सीय उत्कृष्टता, करुणामय रोगी-सेवा तथा राष्ट्र के प्रति निःस्वार्थ सेवा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह शपथ उनके प्रशिक्षु से कमीशंड अधिकारी बनने और सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने की जिम्मेदारी संभालने का प्रतीक रही।
लेफ्टिनेंट जनरल देबनाथ ने नव-नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए सैन्य नर्सिंग सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सैन्य नर्सें केवल अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में ही नहीं, बल्कि परिचालन क्षेत्रों, फील्ड अस्पतालों, आपदा राहत अभियानों और अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सेवा देती हैं, जहां पेशेवर दक्षता और समर्पण बेहद आवश्यक होते हैं।
समारोह ने उस कठोर सैन्य और नर्सिंग शिक्षा के सफल समापन को भी रेखांकित किया, जिसे इन अधिकारियों को सैन्य स्वास्थ्य सेवा की विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। उनके प्रशिक्षण ने उन्हें उन्नत चिकित्सीय ज्ञान, नेतृत्व कौशल और विविध परिचालन परिस्थितियों में चिकित्सा सेवा देने की क्षमता प्रदान की।
इस अवसर पर सैन्य नर्सिंग सेवा के उस अनिवार्य योगदान को भी सामने रखा गया, जो सशस्त्र बलों की स्वास्थ्य क्षमता बढ़ाने में निभाया जाता है। एमएनएस अधिकारी उच्च स्तरीय रोगी-सेवा सुनिश्चित करने के साथ-साथ शांति और संघर्ष, दोनों परिस्थितियों में पेशेवर चिकित्सा सेवाओं के जरिये परिचालन तत्परता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कमीशनिंग समारोह ने एक बार फिर भारतीय सशस्त्र बलों की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत अत्यधिक दक्ष और समर्पित स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार किया जा रहा है। नए अधिकारियों की नियुक्ति से सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं को और मजबूती मिलने तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और देश की रक्षा तैयारियों को समर्थन देने के मिशन को बल मिलने की उम्मीद है।