चंडीगढ़ आर्मी गोल्फ क्लब में एक बुजुर्ग भारतीय सेना कमांडो पूर्व सैनिक का कोबरा से शांतिपूर्वक सामना करता हुआ एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। करीब दो मिनट की इस क्लिप को एक्स पर साझा किया गया था, जिसमें पूर्व सैनिक बिना किसी घबराहट या डर के सांप से निपटते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में वह हाथ में गोल्फ क्लब लिए सांप की ओर बढ़ते नजर आते हैं। जैसे ही कोबरा अपना फन फैलाता है, वे सावधानी से क्लब का इस्तेमाल कर उसकी हरकत को नियंत्रित करते हैं और उसे सुरक्षित दूरी पर रखने की कोशिश करते हैं।
इसके बाद वह झुककर सरीसृप के बहुत करीब पहुंचते हैं और उसे खेलने वाले क्षेत्र से दूर ले जाते हुए दिखाई देते हैं। पूरे घटनाक्रम के दौरान उनका व्यवहार बेहद शांत बना रहता है, जबकि फन फैलाए सांप उनकी हरकतों पर प्रतिक्रिया देता रहता है।
वीडियो साझा करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल शेरोअन ने लिखा कि उम्र बढ़ने के बावजूद पूर्व सैनिक की प्रतिक्रिया, आत्मविश्वास और जज़्बा उतना ही तेज है। उन्होंने दर्शकों को साफ चेतावनी भी दी, “कृपया घर पर ऐसा करने की कोशिश न करें।”
वीडियो को कुछ ही समय में हजारों बार देखा गया और सैकड़ों प्रतिक्रियाएं आईं। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने पूर्व सैनिक के साहस और सूझबूझ की प्रशंसा की तथा इस घटना को सैन्य सेवा से विकसित अनुशासन और आत्मविश्वास का उदाहरण बताया।
कई लोगों ने कहा, “एक बार कमांडो, हमेशा कमांडो।” कुछ ने यह भी लिखा कि विशेष प्रशिक्षण के वर्षों के अनुभव उनकी सहज प्रवृत्ति में गहराई से बसे हुए दिखाई देते हैं।
हालांकि, कुछ लोगों ने इसमें छिपे जोखिमों पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि कोबरा के पास जाना या उसे रोकने की कोशिश करना घातक डंक का कारण बन सकता है, चाहे व्यक्ति का अनुभव या आत्मविश्वास कुछ भी हो।
वीडियो पर प्रतिक्रिया देने वाले एक चिकित्सक ने कथित तौर पर चेतावनी दी कि कोबरा का विष गंभीर तंत्रिका संबंधी जटिलताएं पैदा कर सकता है और तुरंत उपचार मिलने के बावजूद भी कई बार गंभीर परिणामों को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता।
भारतीय कोबरा देशभर में पाया जाने वाला विषैला सांप है। खतरा महसूस होने पर वह शरीर के अगले हिस्से को ऊपर उठाकर फन फैलाता है, जो उसका बचाव संकेत होता है। वन्यजीव विशेषज्ञ आमतौर पर लोगों को ऐसे सांपों के पास न जाने, उन्हें उकसाने या पकड़ने की कोशिश न करने की सलाह देते हैं।
वीडियो में दिख रहे पूर्व सैनिक की पहचान सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है। भारतीय सेना, गोल्फ क्लब प्रशासन या स्थानीय अधिकारियों की ओर से भी इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि बाद में किसी पेशेवर सांप पकड़ने वाले को बुलाया गया या कोबरा को आखिर कहां छोड़ा गया।
गोल्फ कोर्स पर घनी घास, झाड़ियां, जलस्रोत और आसपास की वनस्पति होने के कारण कभी-कभी सांप दिखाई दे जाते हैं, जो उन्हें आश्रय और शिकार तक पहुंच प्रदान करते हैं। लेकिन विषैले सांपों से जुड़े मामलों को सामान्यतः प्रशिक्षित वन्यजीव बचावकर्मियों द्वारा ही संभाला जाना चाहिए।
यह वायरल क्लिप जहां साहस और आजीवन सैन्य आत्मविश्वास का उदाहरण मानकर सराही जा रही है, वहीं यह भी याद दिलाती है कि नागरिकों को ऐसी हरकतों की नकल कभी नहीं करनी चाहिए। कोबरा दिखने पर सबसे सुरक्षित प्रतिक्रिया दूरी बनाए रखना, दूसरों को पास न आने देना और स्थानीय वन्यजीव या सांप-बचाव अधिकारियों से संपर्क करना है।