चेन्नई में 5 सितंबर 2026 को अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी यानी ओटीए, चेन्नई अपना प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड आयोजित करने जा रही है। यह परेड कई महीनों के कठोर सैन्य प्रशिक्षण के समापन का प्रतीक होगी, जिसके बाद अधिकारी कैडेट भारतीय सेना के कमीशंड अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत करेंगे।
सेना प्रशिक्षण कमान यानी एआरटीआरएसी ने इस समारोह के लिए उलटी गिनती शुरू कर दी है। उसने आने वाले परेड को प्रशिक्षुओं के सैन्य नेतृत्व में बदलने की अंतिम अवस्था बताया है। एआरटीआरएसी के अनुसार अधिकारी कैडेट उस पारंपरिक ‘अंतिम पग’ की तैयारी कर रहे हैं, जो अकादमी के पवित्र द्वारों से होकर आगे बढ़ने का अंतिम कदम है।
पासिंग आउट परेड ओटीए चेन्नई के कैलेंडर के सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में शामिल है। यह उस कठिन सैन्य प्रशिक्षण का समापन भी है, जिसका उद्देश्य भविष्य के अधिकारियों में नेतृत्व, अनुशासन, शारीरिक सहनशक्ति, सामरिक क्षमता और चरित्र विकसित करना है।
5 सितंबर को अधिकारी कैडेट अकादमी में अंतिम बार एक साथ कदमताल करेंगे। इस अवसर पर वे प्रशिक्षण के दौरान विकसित की गई सटीकता, अनुशासन और सैन्य गरिमा का प्रदर्शन करेंगे। कैडेटों और उनके परिवारों के लिए यह क्षण प्रशिक्षु जीवन से निकलकर भारतीय सेना में कमीशंड सेवा की जिम्मेदारियों में प्रवेश का प्रतीक होगा।
इस परेड में पारंपरिक सधे हुए ड्रिल, सैन्य संगीत और सेना अधिकारियों की कमीशनिंग से जुड़ी औपचारिक परंपराएं शामिल रहती हैं। परेड और संबंधित कमीशनिंग औपचारिकताओं के बाद नवनियुक्त अधिकारी भारतीय सेना के विभिन्न अंगों और सेवाओं में अपनी यात्रा शुरू करेंगे।
ओटीए चेन्नई भारतीय सेना की प्रमुख अधिकारी-प्रशिक्षण संस्थाओं में से एक है और विशेष रूप से शॉर्ट सर्विस कमीशन के लिए अधिकारियों के प्रशिक्षण से जुड़ी रही है। इस अकादमी ने भारतीय सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों के इतिहास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 1992 में महिला कैडेटों का पहला दल ओटीए चेन्नई में शामिल हुआ था।
पिछले वर्ष 6 सितंबर 2025 को हुए पासिंग आउट परेड में 155 अधिकारी कैडेट, जिनमें 25 महिलाएं शामिल थीं, भारतीय सेना में कमीशंड हुए थे। इसके अलावा नौ मित्र विदेशी देशों से आए 21 अधिकारी कैडेट, जिनमें 12 महिलाएं थीं, ने भी अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया था। उस परेड का निरीक्षण वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने किया था।
वर्ष 2025 का समारोह ऐतिहासिक परमेश्वरन ड्रिल स्क्वायर में आयोजित हुआ था और उसके बाद पारंपरिक पिपिंग समारोह हुआ। इस दौरान नवनियुक्त अधिकारियों ने अपने कंधों पर सितारे प्राप्त किए और औपचारिक रूप से अपने सैन्य करियर की शुरुआत की।
अब जब 5 सितंबर 2026 की परेड नजदीक आ रही है, ओटीए चेन्नई में उत्सुकता बढ़ रही है। एक और अधिकारी कैडेटों का दल अपने जीवन के उन निर्णायक क्षणों में से एक के लिए तैयार हो रहा है, जब वे अकादमी से अंतिम बार मार्च करते हुए भारतीय सेना के नेतृत्व की ओर कदम बढ़ाएंगे। एआरटी्रएसी के अनुसार यह मंच ‘गर्व, सटीकता’ और सैन्य नेतृत्व बनने की अंतिम सीढ़ी के प्रदर्शन के लिए तैयार है।