पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा किए गए हवाई हमलों में कम से कम 17 नागरिकों के मारे जाने की खबर है। यह जानकारी अफगान अधिकारियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार है। ये हवाई हमले पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए हैं, जिसमें सीमा पार से उग्रवाद का मुद्दा उठ रहा है।
हवाई हमले नंगरहार और पक्तिया प्रांतों में किए गए, जिनमें घानी खेल, बेहसूद, खोघ्यानी, बर्मल और उरगुन जिलों को लक्षित किया गया। अफगान अधिकारियों ने आरोप लगाया कि residential areas पर हवाई हमले किए गए और एक धार्मिक सेमिनरी (madrassa) भी निशाने पर थी। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इन हमलों की निंदा की, claiming कि मारे गए और घायल लोगों में महिलाएं और बच्चे शामिल थे। उन्होंने पाकिस्तान पर अफगान स्वतंत्रता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने वैज्ञानिक रूप से इन हवाई हमलों की पुष्टि की। उनका दावा है कि ये हमले Tehreek-e-Taliban Pakistan (TTP) और उसके affiliates व इस्लामिक स्टेट खोरासन के तत्वों के खिलाफ किए गए थे, जो सीमा के पास सक्रिय हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई “intelligence-based selective targeting” थी, जो हाल ही में इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में हुए आतंकी हमलों के जवाब में की गई, जिनका आरोप पाकिस्तान अफगान क्षेत्र से सक्रिय उग्रवादियों पर लगाता है।
यह घटना पहले से ही नाजुक पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों को और तनावपूर्ण बना देती है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने बार-बार अफगान अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे अपने क्षेत्र का उपयोग सीमा पार से होने वाले हमलों के लिए न होने दें, जबकि काबुल ने इन आरोपों को अस्वीकार कर दिया है और परिणामों की चेतावनी दी है। F-16 और JF-17 लड़ाकू विमानों के उपयोग की रिपोर्ट इस वृद्धि की गंभीरता को दर्शाती है, जिससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नागरिक सुरक्षा और सीमावर्ती स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।