अमेरिका के प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पापारो 3 अक्टूबर को भारत पहुंचे। यह छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने तथा सैन्य-से-सैन्य सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से की जा रही है।
पापारो 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे और वे रक्षा मंत्रालय तथा भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ नेतृत्व से बातचीत करेंगे। इन चर्चाओं में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की साझा सुरक्षा प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है।
एजेंडे में डिजिटल परिवर्तन, उभरती हुई महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां और क्षेत्रीय रणनीतिक स्थिरता जैसे मुद्दे शामिल हैं। भारत और अमेरिका रक्षा ऊर्जा लचीलापन मजबूत करने तथा तेज़ी से प्रतिस्पर्धी होते वैश्विक प्रौद्योगिकी परिदृश्य में आगे बढ़ने पर भी ध्यान दे रहे हैं।
अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि दोनों देश उभरती प्रौद्योगिकी और समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित एक रक्षा साझेदारी बना रहे हैं, जिसका उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों का सामना करना है।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका संयुक्त अभ्यास, खुफिया जानकारी साझा करने और तकनीकी सह-विकास के जरिए सैन्य सहयोग का विस्तार कर रहे हैं। यह सहयोग समुद्री संचार मार्गों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।
पापारो की यात्रा वरिष्ठ भारतीय और अमेरिकी रक्षा अधिकारियों को हिंद-प्रशांत की बदलती सुरक्षा स्थिति और उन क्षेत्रों पर चर्चा का अवसर देती है, जहां सैन्य-से-सैन्य सहयोग को और मजबूत किया जा सकता है।
इन वार्ताओं में द्विपक्षीय रक्षा संबंध के तकनीकी और समुद्री, दोनों पहलुओं पर चर्चा होगी। उभरती महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां, डिजिटल परिवर्तन और रक्षा ऊर्जा लचीलापन प्रमुख विषय रहेंगे।
यह छह दिवसीय यात्रा दोनों देशों के बीच जारी संपर्क का हिस्सा है, क्योंकि भारत और अमेरिका अपनी प्रमुख रक्षा साझेदारी तथा सशस्त्र बलों के बीच सहयोग को और गहरा करना चाहते हैं।
यह यात्रा ऐसे समय में भी हो रही है जब दोनों पक्ष समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय रणनीतिक स्थिरता पर लगातार जोर दे रहे हैं, और हिंद-प्रशांत भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र बना हुआ है।