जम्मू, 21 अक्टूबर: भारतीय सेना के एक सेवारत मेजर की पत्नी पर जासूसी से जुड़े आरोपों की जांच चल रही है। जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर रोके जाने के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि वह विदेशी खुफिया एजेंसियों से जुड़े लोगों के लिए संवेदनशील रक्षा और भू-राजनीतिक विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख लिख रही थीं, जिनमें चीन से संबंध होने का संदेह रखने वाले लोग भी शामिल हैं।
पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसी के संयुक्त दल ने 14 अक्टूबर 2026 को तेलंगाना की रहने वाली इस महिला को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर रोका। वह अपनी मां और बच्चे के साथ थी और कथित तौर पर पठानकोट जाने वाली ट्रेन में सवार होने की तैयारी कर रही थी। पूछताछ के लिए उसे पास के सैन्य स्टेशन ले जाया गया और उसका मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया।
इसके बाद जम्मू के गांधी नगर थाने में एफआईआर नंबर 290/2026 दर्ज की गई। मामला आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की संबंधित धाराओं और भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 तथा 61(2) के तहत दर्ज किया गया है। जांच का नेतृत्व एक पुलिस उपाधीक्षक कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, महिला की 2024 में सोशल मीडिया के जरिए एक मलेशियाई नागरिक से पहचान हुई थी, जो कथित तौर पर चीनी खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने वाली एक परामर्श संस्था चला रहा था। उस पर जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा की स्थिति, अरुणाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, ड्रोन तैनाती और अन्य रक्षा तथा भू-राजनीतिक विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख तैयार करने का काम सौंपा गया था।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि शुरुआती काम पर्यावरण और सामान्य भू-राजनीतिक विषयों से जुड़ा था, जिसके बाद यह रक्षा संबंधी विषयों की ओर बढ़ा। जांचकर्ताओं ने पहले के संपर्कों की भी पड़ताल की है, जिनमें इंटर्नशिप के दौरान एक चीनी नागरिक से व्हाट्सऐप पर बना संपर्क और स्विट्जरलैंड सहित विदेश अध्ययन यात्रा के दौरान हुई बातचीत शामिल है।
महिला के पास बेंगलुरु स्थित विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्नातकोत्तर की डिग्री है, जो उसने 2021 में हासिल की थी। इसके अलावा, उसने 2022 में जिनेवा से यूरोपीय और अंतरराष्ट्रीय शासन में मास्टर ऑफ एडवांस्ड स्टडीज भी पूरी की। उसने अक्टूबर 2023 में सेना के मेजर से विवाह किया था।
वह फ्रीलांस शोधकर्ता के रूप में काम कर चुकी है, 2023 में संयुक्त राष्ट्र में इंटर्नशिप पूरी कर चुकी है और नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज में ऑनलाइन इंटर्नशिप भी कर चुकी है। उसी दौरान उसने शोध लेख लिखे थे। पूछताछ में उसने कहा है कि उसके लेख पूरी तरह खुली स्रोतों की जानकारी पर आधारित थे और उसमें चैटजीपीटी, क्लॉड तथा गूगल खोज जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों का सहारा लिया गया था।
जब्त किए गए उपकरण की प्रारंभिक जांच में मानेकशॉ सेंटर में भारत-इटली रक्षा बैठक, भारतीय सेना प्रमुख की अमेरिका यात्रा, भारत-रूस रक्षा समझौता, कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत, भारत-चीन संबंध, असम की परियोजनाओं और भारत-सेशेल्स संबंधों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
सूत्रों का कहना है कि अब तक लेखन में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है और प्रारंभिक आकलन में यह भी स्थापित नहीं हुआ है कि कोई गोपनीय या संवेदनशील जानकारी साझा की गई थी। जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और यह भी देख रही हैं कि कोई जानकारी सीधे या उसके पति की तैनाती के माध्यम से हासिल की गई थी या नहीं।
रिपोर्टों में उसके पति की तैनाती को लेकर थोड़ा अंतर है। एक रिपोर्ट में उसे पठानकोट में 9 कोर की खुफिया इकाई से जोड़ा गया है, जबकि दूसरी में कहा गया है कि वह जम्मू क्षेत्र में तैनात नहीं था। महिला को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है और बताया जा रहा है कि वह जांच में सहयोग कर रही है। एजेंसियां विदेशी संचालकों से संभावित संबंध, भुगतान की प्रकृति और एन्क्रिप्टेड चैनलों के जरिए साझा की गई जानकारी के पूरे दायरे की जांच कर रही हैं। मामला अभी जांच के अधीन है।