नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026: थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने असम रेजिमेंट की भारतीय सेना टीम को वेल्स, यूनाइटेड किंगडम में आयोजित एक्सरसाइज कैम्ब्रियन पैट्रोल 2026 में प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक हासिल करने पर सम्मानित किया।
थलसेना प्रमुख ने सैनिकों को दुनिया के सबसे कठिन सैन्य गश्ती अभ्यासों में से एक में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने उनकी असाधारण सहनशक्ति, सामरिक कौशल, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प की सराहना की।
असम रेजिमेंट की टीम ने 2 से 12 अक्टूबर 2026 तक चले इस अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। विभिन्न देशों की 100 से अधिक टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए भारतीय सेना की टुकड़ी 10 स्वर्ण पदक विजेता टीमों में शामिल रही।
सम्मान समारोह के दौरान जनरल धीरज सेठ ने सैनिकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय सेना की योद्धा भावना का प्रदर्शन किया। उन्होंने इस उपलब्धि के पीछे कठोर प्रशिक्षण, संचालनगत उत्कृष्टता और सफल होने के लिए अटूट संकल्प को महत्वपूर्ण बताया।
ब्रिटिश सेना द्वारा वेल्स में आयोजित एक्सरसाइज कैम्ब्रियन पैट्रोल को दुनिया के सबसे कठिन सैन्य गश्ती अभ्यासों में व्यापक रूप से माना जाता है। यह अभ्यास सैनिकों की शारीरिक सहनशक्ति, नेतृत्व, सामरिक निर्णय क्षमता, दिशा-ज्ञान और चुनौतीपूर्ण युद्ध क्षेत्र की परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता की परीक्षा लेता है।
इस अभ्यास में भाग लेने वाली टीमों को कठिन भूभाग में चुनौतीपूर्ण सैन्य कार्य पूरे करने होते हैं, साथ ही परिचालन तत्परता, समन्वय और दबाव में दृढ़ता भी दिखानी होती है।
जनरल सेठ ने असम रेजिमेंट के सैनिकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने उनसे सैनिकों के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और भारतीय सेना के अन्य सैनिकों को प्रेरित करने का आह्वान किया।
यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय सैन्य प्रतियोगिताओं में भारतीय सेना की सफलता की एक और उपलब्धि है और उसके कर्मियों की व्यावसायिकता, अनुशासन तथा संचालनगत क्षमताओं को दर्शाती है।
भारतीय सेना ने इस उपलब्धि का जश्न अपने ध्येय वाक्य “जय से विजय” के तहत मनाया और सैनिकों की निष्ठा, दृढ़ता तथा उत्कृष्टता के प्रति समर्पण को मान्यता दी।