अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 22 अक्टूबर 2026 को वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी, एवीएसएम, कमांडर-इन-चीफ, अंडमान और निकोबार कमान ने लैंडफॉल द्वीप, ईस्ट द्वीप और आईएनएस कोहासा सहित कई दूरस्थ स्थानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अभियानगत तैयारियों और क्षमता वृद्धि से जुड़ी चल रही पहलों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी ने तैनात संरचनाओं की अभियानगत तत्परता का आकलन किया। उन्होंने सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के उपायों और दूरस्थ तथा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात कर्मियों के लिए उपलब्ध रसद व्यवस्था की भी समीक्षा की।
वाइस एडमिरल मैकार्टी ने कठिन परिस्थितियों में सेवा दे रहे अंडमान और निकोबार कमान के कर्मियों से भी बातचीत की। उन्होंने उनकी अनुकरणीय पेशेवरता, अटूट प्रतिबद्धता और कर्तव्य के प्रति दृढ़ समर्पण की सराहना की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि द्वीप क्षेत्रों में तैनात इकाइयों की सतत तैयारियों के लिए रसद सहायता, बुनियादी ढांचे का विकास और क्षमता वृद्धि बेहद आवश्यक है, ताकि वे किसी भी उभरती अभियानगत आवश्यकता का जवाब देने के लिए तैयार रहें।
शिबपुर, उत्तर अंडमान में स्थित आईएनएस कोहासा एक नौसैनिक हवाई अड्डा है, जो उत्तरी अंडमान क्षेत्र में समुद्री निगरानी और वायु अभियानों को समर्थन देता है। इसकी सामरिक स्थिति भारत की समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने और पूर्वी हिंद महासागर में उपस्थिति बनाए रखने की क्षमता में योगदान करती है।
अंडमान और निकोबार कमान भारत की पहली और एकमात्र सक्रिय त्रि-सेवा कमान है, जिसमें भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के कर्मी तथा क्षमताएं एकीकृत कमान संरचना के तहत काम करती हैं।
दौरे ने एक बार फिर इस बात को रेखांकित किया कि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में अभियानगत तत्परता, क्षमता विकास और रसद स्थिरता पर कमान का लगातार ध्यान केंद्रित है।