एशिया पैरा खेल 2026 में भारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी और आईएएस अधिकारी सुहास ललिनाकेरे यथिराज ने पुरुष एकल एसएल4 वर्ग में कांस्य पदक जीता। उन्होंने सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के फredi Setiawan से कड़े मुकाबले में हार के बाद यह पदक हासिल किया।
मौजूदा विश्व नंबर एक और गत विजेता सुहास यह मैच 21-23, 21-8, 15-21 से हार गए। पहले गेम में सेटियावान ने बेहद करीबी संघर्ष में बढ़त बनाई, जबकि दूसरे गेम में सुहास ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंचाया। तीसरे गेम में शुरुआती संघर्ष के बाद सेटियावान आगे निकल गए।
सेमीफाइनल तक पहुंचने का सुहास का सफर भी प्रभावशाली रहा। उन्होंने ग्रुप चरण में बांग्लादेश के जॉयतु धर को सीधे गेमों में 21-8, 21-11 से हराया और क्वार्टरफाइनल में कोरिया के चो नादन पर 21-12, 21-16 से जीत दर्ज की।
इस कांस्य पदक के साथ भारतीय पैरा-बैडमिंटन दल ने दिन में मजबूत प्रदर्शन किया। प्रामोद भगत और मनीषा रामदास ने मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 में कांस्य पदक जीता, जबकि कृष्णा नगर और निथ्या श्रे ने मिश्रित युगल एसएच6 में कांस्य पदक हासिल किया। इन नतीजों से खेलों में भारत का कुल पदक 68 पहुंच गया, जिसमें 15 स्वर्ण, 22 रजत और 31 कांस्य शामिल हैं।
खिलाड़ी परिचय
सुहास ललिनाकेरे यथिराज का जन्म 2 जुलाई 1983 को कर्नाटक के हासन में हुआ था। वे 2007 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और गौतम बुद्ध नगर तथा प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
एनआईटी सुरथकल से कंप्यूटर विज्ञान और अभियांत्रिकी में स्नातक यथिराज एसएल4 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हैं। इस वर्ग में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनके निचले अंगों में बाधा होती है, लेकिन चलने और दौड़ने में उनकी संतुलन क्षमता अपेक्षाकृत बेहतर रहती है।
यथिराज दो बार के पैरा ओलंपिक रजत पदक विजेता हैं। उन्होंने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में पुरुष एकल एसएल4 में यह उपलब्धि हासिल की। वे 2024 के विश्व चैंपियन, 2022 हांगझोउ एशिया पैरा खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और 2018 जकार्ता संस्करण के कांस्य पदक विजेता भी हैं।
उन्होंने 2016 एशिया पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता था और 2021 में अर्जुन पुरस्कार प्राप्त किया। वे एकमात्र सेवारत आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने पैरा ओलंपिक पदक और अर्जुन पुरस्कार दोनों जीते हैं।
एशिया पैरा खेल 2026 जापान के आइची-नागोया में आयोजित किए जा रहे हैं। यथिराज की यह ताजा पदक-प्राप्ति अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके निरंतर उच्चस्तरीय प्रदर्शन को दर्शाती है, साथ ही उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच उनकी खेल-यात्रा को भी आगे बढ़ाती है।