वाराणसी में वायुसेना के तीन दिवसीय एयर शो के दौरान खुद को ग्रुप कैप्टन बताकर नमो घाट के प्रतिबंधित हेलिपैड क्षेत्र में पहुंचे एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कड़ी सुरक्षा वाले इस क्षेत्र में उसकी मौजूदगी से प्रवेश व्यवस्था में चूक सामने आई है।
आरोपी की पहचान वाराणसी के नदेसर निवासी अर्पित चतुर्वेदी के रूप में हुई है। वह खुद को भारतीय वायुसेना का ग्रुप कैप्टन अर्पित चतुर्वेदी बता रहा था। सैन्य रिकॉर्ड और उसके दिए पते की जांच में पुष्टि हुई कि वह किसी भी रैंक पर सेवारत सैन्य अधिकारी नहीं है।
पुलिस के मुताबिक, चतुर्वेदी ने छावनी क्षेत्र में तैनात एक सैन्य अधिकारी से दोस्ती की थी और इसी परिचय का इस्तेमाल कर प्रवेश हासिल किया। उस अधिकारी से बातचीत में भी वह अपनी फर्जी पहचान बनाए हुए था। हेलिपैड के पास पुलिस ने रोका तो उसने कथित रैंक का रौब दिखाकर टीम को डराने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों को उसके हुलिये और बातचीत के तरीके से संदेह हुआ।
नमो घाट चौकी प्रभारी चंदन कुमार एयर शो-2026 की सुरक्षा व्यवस्था के सिलसिले में अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। संदिग्ध युवक की सूचना मिलने पर टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके दावों की जांच की। कुमार की शिकायत पर आदमपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और बाद में चालान की कार्रवाई की गई।
थाना प्रभारी विमल मिश्रा ने बताया कि चतुर्वेदी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह एयर शो देखने नमो घाट आया था और अंदर जाने के लिए उसने झूठी पहचान का सहारा लिया। अन्य रिपोर्टों के अनुसार, इंटेलिजेंस ब्यूरो समेत खुफिया एजेंसियों और वायुसेना के कर्मियों ने भी उससे पूछताछ की।
भारतीय वायुसेना ने अपने 94वें वायुसेना दिवस समारोह के तहत ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर यह एयर शो आयोजित किया था। इसमें कई विमानों ने हवाई प्रदर्शन किए। समापन के दिन बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी उच्च सुरक्षा वाले प्रतिबंधित क्षेत्र तक कैसे पहुंचा और वहां उसकी गतिविधियां क्या थीं। आयोजन के सिलसिले में किसी अन्य सुरक्षा चूक या किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।