हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में सेना का कर्नल बनकर घूमने के आरोप में पुलिस ने एक निजी होटल के कर्मचारी को पकड़ा है। कसौली क्षेत्र में सामने आए इस मामले में 31 वर्षीय अर्पण कटोच पर सैन्य वर्दी और कथित सैन्य पहचान पत्र का इस्तेमाल करने का आरोप है। शुरुआती जांच में टोल टैक्स से बचने के लिए यह पहचान अपनाने की बात सामने आई है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कटोच कांगड़ा जिले की बैजनाथ तहसील में दुहकी डाकघर के तहत आने वाले टिकरी गांव का निवासी है। वह कसौली के पास सुनारड़ी क्षेत्र में किराये पर रहकर एक निजी होटल में काम कर रहा था। कुछ रिपोर्टों में उसे शेफ बताया गया है।
मामला तब सामने आया, जब 23 अक्टूबर को मिलिट्री इंटेलिजेंस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति कोट गांव और आसपास के इलाकों में सेना की वर्दी पहनकर घूम रहा है और खुद को सैन्य अधिकारी बता रहा है। यह जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई, जिसके बाद कसौली थाने के तहत गढ़खल पुलिस चौकी ने जांच शुरू की।
सहायक उपनिरीक्षक ललित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम उसके किराये के ठिकाने पर पहुंची और सैन्य सेवा से जुड़े दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की। सत्यापन में पता चला कि वह सेवारत सैन्य अधिकारी नहीं, बल्कि निजी होटल का कर्मचारी है।
दिव्य हिमाचल की 26 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की शुरुआती जांच में टोल शुल्क से बचने के लिए कर्नल की पहचान अपनाने का संदेह सामने आया है। रिपोर्ट में बताया गया कि उसने खुद को वरिष्ठ अधिकारी दिखाने के लिए सैन्य वर्दी जैसे कपड़े और पहचान संबंधी दस्तावेज जुटाए थे। हालांकि, अभी सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उसने कितनी बार इस पहचान का इस्तेमाल किया, किन टोल प्लाजा पर ऐसा हुआ या उसे कोई आर्थिक लाभ मिला भी था या नहीं।
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर सेना की शराब कैंटीन का एक संदिग्ध कार्ड मिला है। इस पर कटोच का नाम और सैन्य वर्दी में उसकी तस्वीर लगी थी। रिपोर्टों के अनुसार, कार्ड की वैधता और सेना से संबंध के बारे में पूछे जाने पर वह अपनी सैन्य सेवा की पुष्टि करने वाले दस्तावेज नहीं दिखा सका।
पुलिस जांच कर रही है कि उसने वर्दी, सैन्य प्रतीक चिह्न और संदिग्ध जाली पहचान दस्तावेज कहां से हासिल किए। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन्हें जुटाने में किसी और ने मदद की थी या उसने इस पहचान का इस्तेमाल अन्य परिस्थितियों में भी किया था।
कसौली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 168 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा धोखाधड़ी की नीयत से लोक सेवकों जैसी पोशाक पहनने या उनके इस्तेमाल वाले चिह्न रखने से संबंधित है।
रिपोर्टों के मुताबिक, परवाणू के डीएसपी अनिल शर्मा ने जांच जारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अन्य अपराध सामने आने पर अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। सोलन के पुलिस अधीक्षक एस.डी. वर्मा ने भी पुलिस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि कथित तौर पर सैन्य अधिकारी बनकर घूमने से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी की स्थिति पर रिपोर्टों में अंतर है। कई रिपोर्टों में उसे गिरफ्तार बताया गया है, जबकि एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस देने के बाद उसे पूछताछ करके छोड़ दिया गया। इस संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी बाकी है।
कसौली में सैन्य छावनी होने के कारण स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले को लेकर सतर्क हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल केवल टोल शुल्क से बचने तक सीमित था या इसके पीछे कोई और उद्देश्य भी था। फिलहाल आरोपी का जासूसी, सैन्य जानकारी की चोरी या किसी बड़े सुरक्षा नेटवर्क से संबंध होने का कोई सत्यापित प्रमाण नहीं है। कटोच के खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होनी बाकी है।