सिकंदराबाद स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (एमसीईएमई) में नवनिर्मित ‘अर्जुन द्वार’ का उद्घाटन लेफ्टिनेंट जनरल नीरज वार्ष्णेय ने किया। कॉलेज के इस नए प्रवेश द्वार का उद्घाटन 31 अक्टूबर 2026 को हुआ।
अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित लेफ्टिनेंट जनरल वार्ष्णेय एमसीईएमई के कमांडेंट हैं। वह कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) के कर्नल कमांडेंट भी हैं। नए द्वार को कॉलेज के प्रवेश क्षेत्र को बेहतर बनाने और भारतीय सेना की तकनीकी व सैन्य विरासत से संस्थान के जुड़ाव को सामने लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
‘अर्जुन द्वार’ का नाम मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन की शक्ति का प्रतीक है। इसकी प्रेरणा महाभारत के योद्धा और विद्वान अर्जुन से भी ली गई है। यह नाम शक्ति, एकाग्रता और दृढ़ संकल्प के साथ सैन्य क्षमता तथा पेशेवर उत्कृष्टता के महत्व को रेखांकित करता है।

नए प्रवेश द्वार से सिकंदराबाद मिलिट्री स्टेशन में रहने वाले पूर्व सैनिकों के लिए कॉलेज तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। इसका निर्माण परिसर के बुनियादी ढांचे और आवागमन की सुविधा को बेहतर बनाने के प्रयासों का हिस्सा है।
एमसीईएमई भारतीय सेना में इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षण देने वाला प्रमुख संस्थान है। परिसर में बुनियादी सुविधाओं के विकास का उद्देश्य सैन्यकर्मियों, प्रशिक्षुओं और आगंतुकों के लिए सुरक्षित तथा सुगम वातावरण उपलब्ध कराना है।