अंबाला छावनी में भारतीय वायुसेना का अधिकारी बनकर अग्निवीर अभ्यर्थियों से ठगी की कोशिश करने के आरोप में फरीदाबाद के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह सेना की भर्ती रैली में आए युवाओं को पैसे के बदले मेडिकल जांच पास कराने और चयन में मदद दिलाने का झांसा दे रहा था।
आरोपी की पहचान फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित जीवन नगर निवासी विष्णु कुमार के रूप में हुई है। उसे खड़गा स्टेडियम के पास रैना ऑडिटोरियम के नजदीक पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, वह बल्लभगढ़ क्षेत्र में ‘सोल्जर एकेडमी’ नाम से कोचिंग संस्थान चलाता है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी रक्षा सेवाओं में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं और उनके परिवारों से संपर्क करता था। वह कथित तौर पर दावा करता था कि पैसे देने पर वह मेडिकल में फिट घोषित कराने और भारतीय सेना में चयन कराने की व्यवस्था कर सकता है।
सैन्य खुफिया विभाग को कथित भर्ती धोखाधड़ी की सूचना 18 अक्टूबर 2026 को मिली थी। शुरुआती संपर्क में संदिग्ध ने कथित तौर पर अपना नाम रवि बताया। उसने कहा कि ‘डॉक्टर साहब’ नाम से जिस व्यक्ति का वह जिक्र कर रहा था, वह मेडिकल में फिट घोषित कराने का काम कर सकता है। बाद में वह 29 अक्टूबर को अंबाला आने के लिए तैयार हो गया।
सैन्य खुफिया विभाग से मिली जानकारी के आधार पर तोपखाना पुलिस चौकी की टीम ने रैना ऑडिटोरियम के पास कार्रवाई की। वहां संदिग्ध के इस्तेमाल में बताई जा रही चांदी के रंग की मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार मिली और पुलिस ने विष्णु कुमार को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस को इकबाल खान के नाम का भारतीय वायुसेना का फर्जी पहचान पत्र मिला, जिस पर विष्णु कुमार की तस्वीर लगी थी। इसी नाम का एक जाली आधार कार्ड भी बरामद हुआ।
कार की तलाशी में दो स्मार्टफोन, कई अग्निवीर अभ्यर्थियों के 10वीं और 12वीं के मूल प्रमाणपत्र व उनकी फोटोकॉपी तथा प्रवेश पत्र मिले। ये दस्तावेज कथित तौर पर अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, दिल्ली और राजस्थान के अभ्यर्थियों के थे।
पुलिस ने करीब 2.5 लाख से 3 लाख रुपये की कुल राशि के चेक भी बरामद किए। आरोपी के पास दस से अधिक अभ्यर्थियों के दस्तावेज मिले हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कथित ठगी के दायरे में कितने उम्मीदवार आए थे।
अंबाला छावनी थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें पहचान बदलकर धोखाधड़ी, जालसाजी, छल से प्रलोभन देने और जाली दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल करने से जुड़े अपराध शामिल हैं।
अंबाला छावनी थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि उसने कितने अभ्यर्थियों से संपर्क किया या ठगी की और क्या इस कथित गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं।
खड़गा स्टेडियम में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली में हरियाणा के विभिन्न जिलों और चंडीगढ़ के अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं। इससे पहले सितंबर 2026 में उत्तर प्रदेश के बरेली में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। वहां शारीरिक और मेडिकल परीक्षाएं पास कराने में मदद का कथित वादा करने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती निर्धारित पात्रता, शारीरिक दक्षता, मेडिकल जांच और मेरिट के आधार पर होती है। किसी निजी व्यक्ति, कोचिंग संस्थान या खुद को सैन्य अधिकारी बताने वाले व्यक्ति को पैसे लेकर चयन की गारंटी देने या मेडिकल में फिट घोषित कराने का अधिकार नहीं है। अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को भर्ती संबंधी जानकारी सेना के आधिकारिक माध्यमों से सत्यापित करनी चाहिए और पैसे की संदिग्ध मांग की सूचना पुलिस या सेना के भर्ती अधिकारियों को देनी चाहिए।