उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के पास शुक्रवार दोपहर एक निजी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से बेंगलुरु पुलिस के इंस्पेक्टर अरुण सालुंके समेत छह लोगों की मौत हो गई। बेंगलुरु की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) में तैनात सालुंके अपने चार दोस्तों के साथ चारधाम यात्रा से लौट रहे थे।
ट्रांस भारत एविएशन का यह हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपोर्ट जा रहा था। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के मुताबिक, वीटी-एचसीएक्स पंजीकरण वाले हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ से उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी से गुजरते समय उसका रेडियो संपर्क टूट गया और उसकी लोकेशन मिलनी भी बंद हो गई।
हेलीकॉप्टर के जोशीमठ के मारवाड़ी क्षेत्र में जेपी पावर हाउस के नजदीक चाई गांव के पास एक पहाड़ी से टकराने की खबर है। इलाके में भारी बारिश और घने बादलों के कारण खोज एवं बचाव अभियान में दिक्कत आई।
हेलीकॉप्टर लापता होने की सूचना पर भारतीय सेना, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), स्थानीय पुलिस और चमोली जिला प्रशासन की टीमों को लगाया गया। बचाव दलों ने बाद में मलबा ढूंढ लिया और उसमें सवार सभी छह लोगों के शव बरामद किए।
मृतकों की पहचान दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल और बेंगलुरु के पांच यात्रियों—इंस्पेक्टर अरुण सालुंके, अधिवक्ता सुधीर के., एच. एस. नटराज, प्रताप और शंकरे गौड़ा—के रूप में हुई है। पांचों दोस्त इसी सप्ताह की शुरुआत में चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचे थे।
सालुंके कर्नाटक के बेलगावी जिले की अथणी तालुक के अरटाल गांव के रहने वाले थे। उनके पिता और भाई गांव में रहते हैं। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ बेंगलुरु के राममूर्ति नगर में रहते थे। उनकी मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक है।
बेंगलुरु के एम. एस. रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पूर्व छात्र सालुंके 2007 में पुलिस सेवा में आए थे। उन्होंने दिल्ली में इंटेलिजेंस इंस्पेक्टर के तौर पर करियर शुरू किया और बाद में कर्नाटक में कई पदों पर सेवाएं दीं।
वह नेलमंगला, कुनिगल, बाणसवाड़ी और हलसूरु थानों में तैनात रहे। उन्होंने अपराध जांच विभाग (सीआईडी) में भी काम किया था। हादसे के समय वह बेंगलुरु की सीसीबी के विशेष जांच प्रभाग में तैनात थे।
सहकर्मियों के बीच सालुंके की पहचान काम के प्रति समर्पित और मिलनसार अधिकारी के रूप में थी। बाणसवाड़ी थाने में उनके कार्यकाल के दौरान जनता की प्रतिक्रिया पर आधारित एक पहल के तहत थाने को बेंगलुरु के बेहतर प्रदर्शन करने वाले थानों में जगह मिली थी।
सालुंके की कन्नड़ साहित्य और कविता में भी गहरी रुचि थी। वह सोशल मीडिया पर अपनी रचनाएं साझा करते थे और साहित्य व सिनेमा पर भी लिखते थे। रिश्तेदारों और परिचितों के अनुसार, बेंगलुरु में व्यस्त नौकरी के बावजूद उनका अपने गांव से करीबी जुड़ाव बना रहा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर हादसे की पुष्टि की और कहा कि वह स्थिति पर नजर रख रहे हैं। दुर्घटना के बाद विमानन अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर रोक लगा दी।
दुर्घटना का कारण अभी आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुआ है। इलाके में खराब मौसम और कम दृश्यता की सूचना थी, लेकिन हेलीकॉप्टर का संपर्क टूटने और पहाड़ी से टकराने की परिस्थितियां जांच में स्पष्ट होंगी।