• CONTACT
  • BLOG
SSBCrack Hindi
  • Home
  • डिफेन्स न्यूज़
  • डिफेन्स एग्ज़ाम्स
  • जनरल नॉलेज
  • नौकरी
Reading: इसरो ने NVS-03 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया, भारत की नाविक प्रणाली को मिलेगी मजबूती
Share
SSBCrack HindiSSBCrack Hindi
Font ResizerAa
  • डिफेन्स न्यूज़
  • डिफेन्स एग्ज़ाम्स
  • जनरल नॉलेज
  • नौकरी
Search
  • डिफेन्स न्यूज़
  • डिफेन्स एग्ज़ाम्स
  • जनरल नॉलेज
  • नौकरी
Have an existing account? Sign In
Follow US
© SSBCrack Hindi. All Rights Reserved.

Home - डिफेन्स न्यूज़ - इसरो ने NVS-03 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया, भारत की नाविक प्रणाली को मिलेगी मजबूती

डिफेन्स न्यूज़

इसरो ने NVS-03 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया, भारत की नाविक प्रणाली को मिलेगी मजबूती

SSBCrack News Desk
Last updated: अक्टूबर 31, 2026 8:44 पूर्वाह्न
SSBCrack News Desk
Published: अक्टूबर 31, 2026
Share
ISRO Successfully Launches NVS-03 Satellite Aboard GSLV-F18 to Revive and Strengthen NavIC Navigation System

श्रीहरिकोटा, 31 अक्टूबर 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने नेविगेशन उपग्रह NVS-03 का सफल प्रक्षेपण किया है। GSLV-F18 रॉकेट ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर की रात 11:51 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से उड़ान भरी। यह GSLV की 20वीं उड़ान थी और भारत की स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली नाविक (NavIC) की क्षमता बहाल करने की दिशा में अहम अभियान है।

करीब 50 मीटर ऊंचे, तीन चरणों वाले रॉकेट ने लगभग 18 मिनट की उड़ान के बाद 2,250 किलोग्राम वजनी उपग्रह को भू-तुल्यकालिक अंतरण कक्षा (GTO) में पहुंचाया। उड़ान शुरू होते समय रॉकेट का वजन करीब 420 टन था। हासिल कक्षा का पृथ्वी से निकटतम बिंदु लगभग 170 किलोमीटर और अधिकतम दूरी वाला बिंदु करीब 37,023 से 38,080 किलोमीटर के दायरे में रहा।

क्रायोजेनिक ऊपरी चरण समेत रॉकेट की सभी प्रणालियों ने योजना के अनुसार काम किया। अब उपग्रह अपने प्रणोदन तंत्र से कक्षा की ऊंचाई बढ़ाकर 32.5 डिग्री पूर्व देशांतर पर निर्धारित भू-तुल्यकालिक कक्षा में पहुंचेगा। इसे 12 वर्ष तक काम करने के लिए तैयार किया गया है।

More Read

मालदा में हेलमेट जांच के दौरान ट्रैफिक एएसआई से मारपीट का आरोप, अग्निवीर और उसका भाई गिरफ्तार
अंबाला में वायुसेना अधिकारी बनकर अग्निवीर अभ्यर्थियों से ठगी की कोशिश के आरोप में युवक गिरफ्तार
उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर दुर्घटना, बेंगलुरु पुलिस के इंस्पेक्टर अरुण सालुंके समेत छह लोगों की मौत

NVS-03, इसरो की दूसरी पीढ़ी की NVS शृंखला का तीसरा उपग्रह है। यह शृंखला भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली (IRNSS), जिसे नाविक के नाम से जाना जाता है, की सेवाएं जारी रखने के लिए विकसित की गई है। उपग्रह में अंतरिक्ष उपयोग केंद्र की विकसित स्वदेशी रूबिडियम परमाणु घड़ी के साथ खरीदी गई परमाणु घड़ियां भी लगाई गई हैं। इसमें मौजूदा L5 और S-बैंड सिग्नलों के अलावा L1 फ्रीक्वेंसी का सिग्नल भी उपलब्ध होगा।

L1 सिग्नल जुड़ने से आधुनिक नेविगेशन रिसीवर और उपभोक्ता उपकरणों के साथ नाविक का इस्तेमाल आसान होगा। यह प्रणाली भारत के भूभाग और देश की सीमाओं से करीब 1,500 किलोमीटर आगे तक स्थिति, नेविगेशन और सटीक समय की सेवाएं देती है।

स्वतंत्र रूप से स्थिति निर्धारित करने के लिए नाविक को कम से कम चार सक्रिय उपग्रहों की जरूरत होती है। NVS-03 इस न्यूनतम क्षमता को बहाल करने के लिए भेजा गया है। इस अभियान से पहले केवल IRNSS-1B, IRNSS-1I और NVS-01 काम कर रहे थे। ये समय संबंधी सेवाएं दे सकते थे, लेकिन स्वतंत्र रूप से स्थिति निर्धारित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे।

पहली पीढ़ी के IRNSS उपग्रहों में परमाणु घड़ियां बार-बार खराब हुई थीं और वे अपनी परिचालन आयु भी पूरी कर चुके थे। उनकी जगह लेने के लिए जनवरी 2025 में GSLV-F15 से भेजा गया NVS-02 अंतरण कक्षा में तो पहुंच गया था, लेकिन अंतिम कक्षा तक नहीं पहुंच सका। उसके पाइरोटेक्निक वाल्व में समस्या के कारण प्रणोदन तंत्र तक ऑक्सीडाइजर का उचित प्रवाह नहीं हो पाया था। इस बार इसरो ने एहतियात के तौर पर NVS-03 के पाइरोटेक्निक वाल्व प्रक्षेपण से पहले ही खुले रखे।

इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने अभियान की सफलता की पुष्टि करते हुए कहा कि रॉकेट ने उपग्रह को निर्धारित दीर्घवृत्ताकार कक्षा में सफलतापूर्वक और बेहद सटीक ढंग से स्थापित किया। उनके अनुसार, यह किसी प्रक्षेपण यान से हासिल सर्वाधिक सटीक प्रदर्शनों में से एक था।

डॉ. नारायणन ने बताया कि लगातार दो GSLV उड़ानों के बीच इस बार केवल 56 दिन का अंतर रहा, जो अब तक का सबसे कम समय है। पिछला GSLV-F17/EOS-05 अभियान सितंबर 2026 की शुरुआत में हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि रॉकेट के बजट में भारतीय उद्योग का योगदान लगभग 80 प्रतिशत रहा। उनके मुताबिक, NVS-03 के जुड़ने से नाविक की स्थिति, नेविगेशन और समय संबंधी सेवाएं बहाल हुई हैं। उपग्रह समूह पूरा करने के लिए आगे NVS-04 और NVS-05 भेजने की योजना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की टीम को बधाई दी और इसे नाविक को मजबूत करने तथा महत्वपूर्ण तकनीकों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया। नाविक का इस्तेमाल सड़क और समुद्री नेविगेशन, ट्रेनों व वाहनों की वास्तविक समय में निगरानी, सटीक कृषि और आपदा प्रबंधन में होता है। यह अमेरिकी GPS और रूस के GLONASS जैसी विदेशी प्रणालियों पर निर्भरता घटाकर सशस्त्र बलों को रणनीतिक स्वायत्तता भी देता है।

इसरो ने पुष्टि की है कि उपग्रह के सौर पैनल सफलतापूर्वक खुल गए हैं और उसकी सभी प्रणालियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में कक्षा की ऊंचाई बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद डेटा भेजने और सेवाएं सक्रिय करने का काम आगे बढ़ेगा।

Share This Article
Facebook Email Copy Link Print
BySSBCrack News Desk
Follow:
SSBCrack की संपादकीय टीम में अनुभवी पत्रकार, पेशेवर कंटेंट लेखक और समर्पित रक्षा अभ्यर्थी शामिल हैं, जिन्हें सैन्य मामलों, राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीति का गहरा ज्ञान है।
Previous Article Agniveer Arrested मालदा में हेलमेट जांच के दौरान ट्रैफिक एएसआई से मारपीट का आरोप, अग्निवीर और उसका भाई गिरफ्तार
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

लेटेस्ट न्यूज़
Indian Army Organises National Integration Tour for Students from Poonch and Ladakh Under Operation Sadbhavana
ऑपरेशन सद्भावना के तहत सेना ने पुंछ और लद्दाख के छात्रों को कराया दिल्ली का शैक्षिक दौरा
IPS Preeti Yadav Becomes First Woman DCP of Noida Zone-1, Cracked UPSC at Just 22
आईपीएस प्रीति यादव बनीं नोएडा जोन-1 की पहली महिला डीसीपी, 22 साल में पास की थी यूपीएससी परीक्षा
Air Marshal Ashutosh Dixit to Assume Charge as 29th Chief of the Air Staff on 31 October 2026
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बनेंगे भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख
Lt Gen C G Muralidharan Visits Military Hospital Secunderabad, Reviews Healthcare Infrastructure and Medical Readiness
लेफ्टिनेंट जनरल सी जी मुरलीधरन ने मिलिट्री हॉस्पिटल सिकंदराबाद में चिकित्सा सुविधाओं और तैयारियों की समीक्षा की
60 Bhonsala Military School Students Visit Indian Army’s MCEME in Secunderabad, Explore Drones, AI and Robotics
भोंसला मिलिट्री स्कूल के 60 छात्रों ने एमसीईएमई में ड्रोन, एआई और रोबोटिक्स की तकनीक जानी
Rafale Marine Completes Maiden Landing on INS Vikrant on First Attempt
राफेल मरीन ने पहले ही प्रयास में आईएनएस विक्रांत पर की सफल लैंडिंग

You Might Also Like

Brigadier Rohit Nautiyal Bids Farewell to CRPF After Distinguished Military and Training Career
डिफेन्स न्यूज़

सीआरपीएफ में तीन साल का कार्यकाल पूरा, ब्रिगेडियर रोहित नौटियाल को दी गई विदाई

अक्टूबर 30, 2026
Air Marshal Inderpal Singh Walia Appointed Vice Chief of the Air Staff, to Take Charge on November 1
डिफेन्स न्यूज़

एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया भारतीय वायुसेना के नए उप प्रमुख नियुक्त

अक्टूबर 30, 2026
IAF Chief AP Singh Receives Three Official Farewells Ahead of Retirement
डिफेन्स न्यूज़

सेवानिवृत्ति से पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को तीन आधिकारिक समारोहों में दी गई विदाई

अक्टूबर 30, 2026
Air Chief Marshal AP Singh Meets President Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan Along With Wife Sarita Singh
डिफेन्स न्यूज़

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पत्नी सरिता सिंह के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की मुलाकात

अक्टूबर 30, 2026

हमारे सोशल मीडिया पर जुड़ें

हम सोशल मीडिया का उपयोग ताज़ा खबरों पर प्रतिक्रिया देने, समर्थकों को अपडेट करने और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए करते हैं।

Twitter Youtube Telegram Linkedin
SSBCrack Hindi
SSBCrack Hindi पर पढ़ें भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी हर ताज़ा खबर, भर्ती नोटिफिकेशन, परीक्षा अपडेट, SSB इंटरव्यू गाइड और डिफेंस करियर टिप्स – सब कुछ हिंदी में।
  • Contact Us
  • Copyright Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
© SSBCrack Hindi. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?