वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय सिंघल ने 1 नवंबर 2026 को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक का कार्यभार संभाल लिया। यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल भारत-चीन सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात है।
नई दिल्ली स्थित आईटीबीपी मुख्यालय में पदभार ग्रहण करने पर सिंघल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने सलामी ली और गारद का निरीक्षण किया। इस अवसर पर अतिरिक्त महानिदेशक (मुख्यालय) संजय गुंज्याल सहित बल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने नए महानिदेशक का स्वागत किया।
गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली आईटीबीपी की स्थापना भारत-चीन युद्ध के बाद 24 अक्टूबर 1962 को हुई थी। बल की मुख्य जिम्मेदारी लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक फैली लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा की निगरानी और सुरक्षा है।
आईटीबीपी के जवान हिमालय के ऊंचाई वाले कठिन इलाकों में तैनात रहते हैं, जहां तापमान अक्सर शून्य से नीचे चला जाता है। सीमा सुरक्षा और निगरानी के अलावा बल आपदा से निपटने, बचाव अभियान चलाने और सामरिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा में भी भूमिका निभाता है।
महानिदेशक के तौर पर संजय सिंघल बल की परिचालन तैयारियों, सीमा प्रबंधन, जवानों के कल्याण, प्रशिक्षण और प्रशासनिक कामकाज की देखरेख करेंगे।


उन्होंने ऐसे समय में यह जिम्मेदारी संभाली है, जब उत्तरी सीमाओं पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, निगरानी क्षमता बढ़ाना और वहां तैनात सुरक्षा बलों को अभियानों के लिए तैयार रखना राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। आईटीबीपी का आदर्श वाक्य ‘शौर्य, दृढ़ता, कर्मनिष्ठा’ है।