लेफ्टिनेंट जनरल आईएस राठौड़ ने सिकंदराबाद स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (एमसीईएमई) के 43वें कमांडेंट का पदभार संभाल लिया है। उनकी नियुक्ति 1 नवंबर 2026 से प्रभावी है।
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल राठौड़ को सैन्य अभियानों और तकनीकी कार्यों का व्यापक अनुभव है। नई जिम्मेदारी में उनका अनुभव संस्थान के सैन्य प्रशिक्षण और तकनीकी विकास से जुड़े कार्यों में उपयोगी होने की उम्मीद है।
तेलंगाना के सिकंदराबाद में स्थित एमसीईएमई भारतीय सेना के प्रमुख तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल है। यहां कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) के सैन्यकर्मियों को उन्नत सैन्य उपकरणों और प्रणालियों के रखरखाव, मरम्मत तथा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाता है।


राठौड़ ने यह जिम्मेदारी ऐसे समय संभाली है, जब भारतीय सेना तकनीकी आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और सैन्य अभियानों में उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर बढ़ा रही है। इस संदर्भ में एमसीईएमई का ध्यान प्रशिक्षण के मानकों को बेहतर बनाने और सैन्यकर्मियों को बदलती तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने पर है।

लेफ्टिनेंट जनरल राठौड़ की पत्नी सीमा राठौड़ शिक्षाविद् हैं। उनके दो बच्चे हैं। बेटा भारतीय सेना में अधिकारी है, जबकि बेटी खेल पोषण के क्षेत्र में करियर बना रही हैं। बेटी का विवाह भी भारतीय सेना के एक अधिकारी से हुआ है।
एमसीईएमई ने नए कमांडेंट का स्वागत करते हुए उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया और प्रशिक्षण की गुणवत्ता, नवाचार तथा तकनीकी विकास को आगे बढ़ाने की अपेक्षा व्यक्त की। कमांडेंट के रूप में राठौड़ की जिम्मेदारी ऐसे तकनीकी रूप से दक्ष सैन्यकर्मियों को तैयार करने के संस्थान के कार्य का नेतृत्व करना होगा, जो सेना की अभियानगत तैयारियों और आधुनिकीकरण की जरूरतें पूरी कर सकें।