आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में छात्रा पर चेनसॉ से हमला करने के आरोपी 21 वर्षीय हेमंत को रविवार को पुलिस ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। तलाशी अभियान के दौरान वह आत्मकुर के जंगल में मिला था। गिरफ्तारी से बचकर जंगल में भागने की कोशिश के दौरान पुलिस ने छह गोलियां चलाईं। घायल आरोपी को हिरासत में अनंतपुर के सरकारी सामान्य अस्पताल ले जाया गया।
छात्रा पर हमला शनिवार, 31 अक्टूबर को सुबह करीब 10:30 बजे राप्ताडु जिला परिषद हाई स्कूल में हुआ था। उस समय गणित की कक्षा चल रही थी। दिहाड़ी मजदूर हेमंत उर्फ दुम्मु पर आरोप है कि वह मोटर से चलने वाली आरी यानी चेनसॉ लेकर कक्षा में घुसा और आगे की पंक्ति में बैठी दसवीं की छात्रा मुदगा गोपिका पर हमला कर दिया। वह पीड़िता का करीबी रिश्तेदार है और कथित तौर पर उसका मामा बताया गया है।
15 वर्षीय गोपिका के चेहरे, सिर, गर्दन, पीठ और पेट पर गहरे घाव हुए। उसकी खोपड़ी और पसलियों में फ्रैक्चर के साथ रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचा तथा दायां हाथ लगभग कट गया। गोपिका के गांव का नाम अय्यावारिपल्ली/अक्कयावरिपालेम बताया गया है। उसे बचाने के लिए बीच में आई दसवीं की एक अन्य छात्रा लक्ष्मी के पैरों में भी गहरे घाव हुए। आरोपी चेनसॉ वहीं छोड़कर भाग गया। शिक्षिका राजेश्वरी ने बाद में बताया कि अचानक हुए हमले से वह स्तब्ध रह गई थीं।
गोपिका को पहले अनंतपुर के सरकारी सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उसकी हड्डियों की सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी की गई। बाद में उसकी हालत स्थिर बताई गई और उसे बच्चों की गहन चिकित्सा इकाई में निगरानी में रखा गया। लक्ष्मी का इलाज अनंतपुर में हुआ।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हेमंत कथित तौर पर प्रेम के नाम पर गोपिका को परेशान कर रहा था। आरोप है कि गोपिका के इनकार करने और माता-पिता को बताने की चेतावनी देने के बाद वह उससे रंजिश रखने लगा। श्री सत्य साईं जिले के नागुलुरु गांव का रहने वाला हेमंत अनाथ है और रिश्तेदारों के साथ रह रहा था। उसके हाल में चेनसॉ खरीदने और स्कूल की रेकी करने की बात भी सामने आई है। मामले में हत्या के प्रयास और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हमले को बर्बर बताते हुए गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि वह छात्रा के स्वास्थ्य पर खुद नजर रख रहे हैं। उन्होंने इलाज को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और आरोपी को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाने के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव और अन्य अधिकारी भी इलाज की स्थिति पर नजर रखे हुए थे। घटना को लेकर व्यापक नाराजगी के बीच पीड़िता के परिवार ने सख्त कार्रवाई की मांग की।
हमले के तुरंत बाद पुलिस टीमों ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। रविवार, 1 नवंबर 2026 को सूचना मिलने पर उसे आत्मकुर के जंगल में खोज लिया गया। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि भागने की कोशिश के दौरान उसने पुलिसकर्मियों पर पत्थरों से हमला किया था। घायल आरोपी का जिस अस्पताल में इलाज चल रहा है, वहां कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है। जांच में घटनाक्रम, स्कूल की सुरक्षा में संभावित चूक और हमले की सटीक वजह की पड़ताल जारी है।