पुलवामा, 4 नवंबर: दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के 22 वर्षीय मोहम्मद ओवैस भट ने संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 107वीं रैंक हासिल की है। डांगरपोरा इलाके के रहने वाले भट ने तीसरे प्रयास में यह सफलता पाई। उन्होंने तैयारी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और चैटजीपीटी जैसे टूल की भी मदद ली।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की इस परीक्षा के लिए भट चार साल से अधिक समय से तैयारी कर रहे थे। कुछ विवरणों में यह अवधि करीब साढ़े चार साल बताई गई है। पहले दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली थी। नतीजा आने के बाद रिश्तेदार, दोस्त और पड़ोसी उन्हें बधाई देने घर पहुंचे।
भट ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद मिली इस सफलता से वह बेहद खुश और संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया, “मुश्किल दौर की यादें आज भी आती हैं। तब मैं सपना देखता था कि एक दिन मेरी भी अखिल भारतीय रैंक आएगी। ऊपरवाले का शुक्र है कि मुझे 107वीं रैंक मिली।”
भट सेना के कई अलंकरणों से सम्मानित अधिकारी ब्रिगेडियर एस. एस. शेखावत को अपनी बड़ी प्रेरणा मानते हैं। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि शेखावत के व्यक्तित्व और उपलब्धियों ने उन्हें बहुत प्रेरित किया है।

तैयारी की रणनीति पर भट ने अभ्यर्थियों को सबसे पहले पाठ्यक्रम अच्छी तरह समझने की सलाह दी। उनके अनुसार, बिना पाठ्यक्रम समझे तैयारी शुरू करना अंतहीन समुद्र में उतरने जैसा है, जबकि लक्ष्य तय करके पढ़ने से उसे छोटे और संभालने योग्य हिस्सों में बांटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि महंगी कोचिंग के बिना भी करीब 4,000 रुपये में प्रभावी तैयारी संभव है और इसके लिए यूट्यूब के व्याख्यान उपयोगी हो सकते हैं।

भट ने बताया कि उन्होंने एआई, चैटजीपीटी और अन्य बॉट का काफी इस्तेमाल किया। उन्होंने 399 रुपये का एक सशुल्क सब्सक्रिप्शन लिया और उसमें पाठ्यक्रम डालकर परीक्षा में पूछे जा रहे सवालों के रुझान का विश्लेषण कराया। उनके मुताबिक, सवालों के प्रारूप और पैटर्न को समझने से उन्हें लगभग 20 से 40 संभावित प्रश्नों का पहले से अनुमान लगाने में मदद मिली।
चयन प्रक्रिया के लिए शारीरिक तैयारी भी उनके सामने बड़ी चुनौती थी। भट के अनुसार, लिखित परीक्षा की तैयारी के दौरान उनका वजन 20 किलोग्राम से अधिक बढ़ गया था। शारीरिक परीक्षणों से पहले उन्होंने दो महीने में 20 किलोग्राम वजन घटाया। उन्होंने कहा कि दोबारा फिट होने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
भट ने अपनी सफलता में माता-पिता के लगातार आर्थिक सहयोग, हौसला बढ़ाने और सही मूल्यों की सीख को अहम बताया। वह जनवरी में भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में शामिल होंगे। वहां करीब डेढ़ साल का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन मिलेगा।
यूपीएससी साल में दो बार सीडीएस परीक्षा आयोजित करता है। इसके जरिए भारतीय सैन्य अकादमी, ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, वायुसेना अकादमी और भारतीय नौसेना अकादमी में अधिकारी प्रशिक्षण के लिए उम्मीदवार चुने जाते हैं। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) साक्षात्कार और चिकित्सा मानकों सहित विभिन्न कसौटियों पर उम्मीदवारों को परखा जाता है। एसएसबी में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और सैन्य सेवा के लिए उपयुक्तता का आकलन होता है।