असम राइफल्स ने स्पीयर कोर के तहत त्रिपुरा और असम में चिकित्सा पहुँच कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन पहलों के माध्यम से दूरस्थ समुदायों तक आवश्यक स्वास्थ्य सहायता पहुँचाई गई और निवारक स्वास्थ्य प्रथाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई।
इस पहल के तहत त्रिपुरा के फटीकचेरा गाँव में एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया। इस शिविर से 450 से अधिक ग्रामीण लाभान्वित हुए, जिन्हें चिकित्सकीय और नेत्र जाँच, परामर्श, आवश्यक दवाएँ तथा निवारक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई गई।
इस चिकित्सा शिविर का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना था, जहाँ नियमित चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँच अक्सर सीमित रहती है। ग्रामीणों को स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श करने और सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए प्राथमिक उपचार तथा मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।
नेत्र जाँच के माध्यम से दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान की गई और जरूरतमंदों को समय पर सलाह दी गई। आवश्यक दवाओं के वितरण से स्थानीय लोगों की तत्काल स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मदद मिली।
त्रिपुरा की पहल के साथ-साथ असम राइफल्स ने असम के मइबांग में सीएटीसी-38 में भाग ले रहे एनसीसी कैडेटों को भी चिकित्सा सहायता दी। कैडेटों को चिकित्सा देखभाल प्रदान की गई और स्वच्छता, पोषण, प्राथमिक उपचार तथा मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर केंद्रित एक संवादात्मक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र में शामिल किया गया।
इस जागरूकता सत्र ने कैडेटों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और बुनियादी चिकित्सकीय स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया। युवाओं के साथ जुड़कर इस पहल का उद्देश्य व्यक्तिगत स्वास्थ्य, सामुदायिक स्वच्छता और निवारक देखभाल के प्रति जागरूकता को भी मजबूत करना था।
ये चिकित्सा पहुँच कार्यक्रम पूर्वोत्तर में समुदायों की सहायता के लिए असम राइफल्स के निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं। चिकित्सा सहायता और स्वास्थ्य शिक्षा को साथ जोड़कर इस पहल ने तात्कालिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ ग्रामीणों और युवा कैडेटों में दीर्घकालिक जागरूकता को भी बढ़ावा दिया।
ऐसे पहुँच कार्यक्रम स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास बनाने और दूरस्थ तथा वंचित क्षेत्रों तक आवश्यक सेवाएँ पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।