जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवाद-रोधी बड़ा अभियान जारी है, जिसमें दो संदिग्ध लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादियों की एक बाग में मौजूदगी सामने आने के बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की।
यह अभियान तब शुरू हुआ जब निगरानी फुटेज में दोनों आतंकवादियों, लतीफ और जाकिर, की बाग क्षेत्र में मौजूदगी दर्ज हुई। मिली सूचना के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल की संयुक्त टीम ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया।
सुरक्षा बलों ने संभावित सभी भागने के रास्ते बंद कर दिए हैं और आसपास के सात गांवों में व्यवस्थित तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, अभियान जारी रहने के दौरान चार गांवों की पूरी तरह तलाशी ली जा चुकी थी।
अधिकारियों के अनुसार, घेराबंदी के बाद आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ हुई। आतंकवादियों को निष्प्रभावी करने के लिए बलों की कार्रवाई अभी भी जारी है।
बताया गया है कि दोनों आतंकवादी कुलगाम जिले के रहने वाले हैं। जाकिर के 2024 में और लतीफ के 2025 में लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होने की बात कही गई है।
अधिकारियों ने कहा कि शोपियां अपनी घनी बागानों और वन आवरण के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है। आतंकवादी लंबे समय से इस इलाके का उपयोग दक्षिण कश्मीर, मध्य कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र के बीच आवाजाही के मार्ग के रूप में करते रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि स्थानीय आतंकवादी कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगातार अभियान आतंकवादी समर्थन ढांचे को तोड़ने और घाटी में आगे भर्ती को रोकने के लिए अहम है।