युवा विनिमय कार्यक्रम के तहत भाग ले रहे भारतीय राष्ट्रीय कैडेट कोर के एक दल ने वियतनाम की राजधानी हनोई का दौरा किया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और वियतनाम के युवाओं के बीच सांस्कृतिक समझ, सीख और मित्रता को बढ़ावा देना था।
दौरे के दौरान एनसीसी दल ने हो ची मिन्ह समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। कैडेटों ने वहां पुष्पांजलि चढ़ाई और वियतनाम के सम्मानित नेता हो ची मिन्ह के प्रति अपना आदर व्यक्त किया। यह उनकी यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण औपचारिक कार्यक्रम रहा।
इसके बाद दल ने राष्ट्रपति भवन का भी दौरा किया, जहां कैडेटों को वियतनाम के इतिहास, विरासत और राष्ट्रीय संस्थानों की जानकारी मिली। इस अवसर ने उन्हें देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के विभिन्न पहलुओं को समझने का मौका दिया।
कैडेटों ने हनोई स्थित बाल महल का भी दौरा किया और वहां के निदेशक से बातचीत की। इस संवाद में संस्थान के कामकाज, गतिविधियों और बच्चों के शैक्षिक तथा सह-पाठ्यक्रमीय विकास में उसकी भूमिका पर चर्चा हुई।
दल के कार्यक्रम में महान सैन्य संग्रहालय का दौरा भी शामिल था, जहां कैडेटों ने वियतनाम के सैन्य इतिहास को देखा और देश की सैन्य यात्रा से जुड़े प्रदर्शनों का अवलोकन किया।
इन सभी कार्यक्रमों ने भारतीय कैडेटों को वियतनाम के इतिहास, संस्कृति, सैन्य विरासत और युवा विकास पहलों के बारे में जानने का अवसर दिया। इस दौरान उन्हें देश के लोगों और संस्थानों से सीधे जुड़ने का अनुभव भी मिला।
युवा विनिमय कार्यक्रम का उद्देश्य एनसीसी कैडेटों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अवसर प्रदान करना है। ऐसे दौरे युवाओं को अलग-अलग परंपराओं से परिचित कराते हैं और साझेदार देशों के इतिहास को समझने में मदद करते हैं।
हनोई की यह यात्रा औपचारिक कार्यक्रमों, ऐतिहासिक सीख और वियतनामी युवा संस्थानों से बातचीत का मिश्रण रही। इससे कैडेटों को कक्षा और प्रशिक्षण परिवेश से बाहर भी सीखने का अवसर मिला।
कार्यक्रम ने भारत और वियतनाम के बीच जन-जन के संबंधों को मजबूत करने में युवा आदान-प्रदान की भूमिका को भी रेखांकित किया। एनसीसी दल की यह सहभागिता दोनों देशों के बीच आपसी समझ और मित्रता को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।