रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह 16 अगस्त, 2026 को आर्मेनिया की राजधानी येरेवन पहुंचे। यह दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा तथा सामरिक सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से हो रही है।
येरेवन पहुंचने पर उनका स्वागत आर्मेनिया में भारत के राजदूत और आर्मेनियाई रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने किया। इस यात्रा के दौरान रक्षा सचिव आर्मेनियाई नेतृत्व से मुलाकात कर द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की भावी रूपरेखा पर चर्चा करेंगे।
यह यात्रा नई दिल्ली और येरेवन के बीच बढ़ते रक्षा संपर्कों के बीच हुई है। दोनों देश रक्षा प्रौद्योगिकी, सैन्य क्षमता विकास और सामरिक सहयोग के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के रास्ते तलाश रहे हैं।
राजेश कुमार सिंह की यह यात्रा दोनों देशों के बीच हाल के उच्च स्तरीय संवादों की कड़ी में एक और कदम मानी जा रही है। इस वर्ष की शुरुआत में आर्मेनियाई सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्र्यान ने भारत का दौरा किया था।
नई दिल्ली यात्रा के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल अस्र्यान ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात कर रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया था। उन्होंने चीफ ऑफ द एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और तत्कालीन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान से भी बातचीत की थी।
इन बैठकों में संयुक्त उपक्रमों और सैन्य उपकरणों के सह-विकास की संभावनाओं सहित निकट सहयोग के कई रास्तों पर चर्चा हुई थी।
रक्षा सचिव की मौजूदा यात्रा से इन चर्चाओं को आगे बढ़ाने और भारत-आर्मेनिया रक्षा साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद है। येरेवन में होने वाली वार्ता में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने और मौजूदा संस्थागत तथा सामरिक संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान रहेगा।
यह यात्रा आर्मेनिया के साथ भारत की बढ़ती संलग्नता और क्षमता विकास, प्रौद्योगिकी सहयोग तथा दीर्घकालिक सामरिक हितों पर आधारित परस्पर लाभकारी रक्षा साझेदारियों को विकसित करने के प्रयासों को रेखांकित करती है।