उधमपुर: लेफ्टिनेंट जनरल एमपी सिंह, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम ने भारतीय सेना की उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ का कार्यभार संभाल लिया है। यह नियुक्ति सेना की सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परिचालन कमानों में से एक में एक अहम जिम्मेदारी मानी जा रही है।
नया कार्यभार संभालने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल एमपी सिंह ने ध्रुवा युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और देश के लिए कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सेना के कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
यह श्रद्धांजलि समारोह उनके कार्यकाल की शुरुआत का प्रतीक रहा। इस अवसर पर उन सैनिकों के साहस और बलिदान को भी सम्मान दिया गया, जिन्होंने राष्ट्र सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल एमपी सिंह ने उत्तरी कमान के सभी रैंकों की उत्कृष्ट सेवा और पेशेवर दक्षता की सराहना की। उन्होंने राष्ट्र की सेवा में आगे भी सफलता के लिए कमान के कर्मियों को शुभकामनाएं भी दीं।
चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल एमपी सिंह उत्तरी कमान मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे सेना कमांडर की सहायता करते हुए कमान की व्यापक परिचालन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की योजना, समन्वय और क्रियान्वयन में योगदान देंगे।
उत्तरी कमान भारतीय सेना के उन सबसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालती है, जिनमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारत की उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं की सुरक्षा स्थिति शामिल है।
इस कमान की संरचनाएं अत्यंत कठिन भूभाग में कार्य करती हैं, जिनमें ऊंचाई वाले और हिमनद क्षेत्रों से लेकर पर्वतीय इलाके और आतंकवाद-रोधी वातावरण तक शामिल हैं। चरम मौसम, दुर्गम भू-भाग और जटिल सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद यहां तैनात सैनिक पूरे वर्ष अभियानगत तैयारी बनाए रखते हैं।
कमान की एक महत्वपूर्ण भूमिका नियंत्रण रेखा और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तत्परता बनाए रखने की भी है। इसके साथ ही यह आतंकवाद-रोधी अभियानों में सहयोग देती है और उभरती सुरक्षा परिस्थितियों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करती है।
कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ इन विविध जिम्मेदारियों के समन्वय में अहम भूमिका निभाते हैं और परिचालन संरचनाओं, स्टाफ शाखाओं तथा सहायक तत्वों के बीच प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल एमपी सिंह ने ऐसे समय में यह जिम्मेदारी संभाली है, जब भारतीय सेना प्रौद्योगिकी-सक्षम युद्धकला, आधुनिकीकरण, संयुक्तता, अभियानगत तैयारी और नई क्षमताओं को अपनी संरचनाओं में शामिल करने पर जोर दे रही है।
ध्रुवा युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित कर अपने कार्यकाल की शुरुआत करने के साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल एमपी सिंह ने गिरते सैनिकों के सम्मान की सैन्य परंपरा को दोहराया और सभी रैंकों से राष्ट्र के लिए इसी तरह उत्कृष्ट सेवा जारी रखने का आह्वान किया।