लेफ्टिनेंट जनरल आईएस पंज्रथ, एसएम, वीएसएम ने 1 सितंबर 2026 को सेना वायु रक्षा के महानिदेशक का पदभार संभाला। उन्होंने भारतीय सेना की वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली।
पदभार संभालने के तुरंत बाद लेफ्टिनेंट जनरल आईएस पंज्रथ ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी।
यह पुष्पांजलि समारोह उनके सेना वायु रक्षा प्रमुख के रूप में कार्यकाल की शुरुआत का प्रतीक बना। इससे उन कर्मियों को याद करने और सम्मान देने की स्थायी परंपरा भी झलकी, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए।
सेना वायु रक्षा के महानिदेशक के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल पंज्रथ सेना की वायु रक्षा शाखा की परिचालन और क्षमता संबंधी आवश्यकताओं की निगरानी करेंगे। इसमें बदलते हवाई खतरों के विरुद्ध उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखने के प्रयास भी शामिल हैं।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। मानव रहित हवाई प्रणालियों, सटीक हथियारों और अन्य हवाई खतरों के बढ़ते उपयोग ने एकीकृत और त्वरित प्रतिक्रिया वाली वायु रक्षा क्षमताओं पर और अधिक जोर दिया है।
लेफ्टिनेंट जनरल पंज्रथ का पदभार संभालना भारतीय सेना के परिचालन तैयारियों, तकनीकी अनुकूलन और वायु रक्षा क्षमताओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित प्रयासों को और मजबूती देता है।
उनका कार्यकाल सेना वायु रक्षा की तैयारी को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है कि उसके कर्मी और प्रणालियाँ समकालीन युद्धक्षेत्र की उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम रहें।