एयर मार्शल विवेक हांडे ने 1 सितंबर 2026 को भारतीय वायु सेना में स्थायी प्रतिनियुक्ति पर महानिदेशक चिकित्सा सेवाएं (वायु) [डीजीएमएस (वायु)] का कार्यभार संभाला। इस नियुक्ति के साथ वे वायु सेना की चिकित्सा व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण पद पर आ गए हैं, जहां उन्हें व्यापक नैदानिक, प्रशासनिक और त्रि-सेवा अनुभव प्राप्त है।
वह दिसंबर 1988 में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं में कमीशन हुए थे। उनका करियर विशेषज्ञ चिकित्सा अभ्यास, अस्पताल प्रशासन और वरिष्ठ नेतृत्व से जुड़ी जिम्मेदारियों से भरा रहा है। वे राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चिकित्सक और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट हैं तथा कई महत्वपूर्ण नैदानिक और प्रशासनिक पदों पर सेवाएं दे चुके हैं।
एयर मार्शल हांडे ने सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय, पुणे, टाटा मेमोरियल अस्पताल और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, दिल्ली से शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इन प्रतिष्ठित संस्थानों में प्राप्त विशेष चिकित्सा और रणनीतिक प्रशिक्षण ने उनके पेशेवर अनुभव को और मजबूत किया।
उनके करियर की एक विशेषता यह रही कि उन्होंने सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं में कार्य किया। भारतीय नौसेना में फ्लैग ऑफिसर के रूप में उन्होंने मुंबई स्थित आईएनएचएस अस्विनी की कमान संभाली और बाद में वरिष्ठ सलाहकार (चिकित्सा) के रूप में सेवाएं दीं। इससे उन्हें सैन्य स्वास्थ्य सेवा और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का व्यापक अनुभव मिला।
वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नति से पहले उन्होंने आईएनएचएस अस्विनी, मुंबई में कार्यकारी अधिकारी और बाद में कमांडिंग ऑफिसर के रूप में भी कार्य किया। नौसेना के इस प्रमुख अस्पताल में उनकी तैनाती ने उनके चिकित्सा करियर में संस्थागत और नेतृत्व संबंधी अनुभव को और बढ़ाया।
2 फरवरी 2026 को सर्ज वाइस एडमिरल विवेक हांडे, एवीएसएम, वीएसएम ने महानिदेशक (संगठन एवं कार्मिक), सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं का पदभार संभाला था। इसके पहले उन्होंने महानिदेशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं के कार्यालय में वरिष्ठ सलाहकार (चिकित्सा) के पद से कार्यमुक्त होकर नई जिम्मेदारी ली थी।
वाइस एडमिरल के रूप में उनकी पदोन्नति पर सर्ज वाइस एडमिरल अर्ति सारिन, डीजीएएफएमएस, ने उन्हें बधाई दी थी। उन्होंने फ्लैग ऑफिसर को उच्च पद पर पदोन्नत होने पर सम्मानित भी किया था।
महानिदेशक (संगठन एवं कार्मिक) के रूप में उनके कार्यकाल में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के संगठनात्मक और कार्मिक संबंधी दायित्व शामिल रहे। इस नियुक्ति ने सशस्त्र बलों की चिकित्सा आवश्यकताओं और प्रशासनिक ढांचे के प्रबंधन में उनके अनुभव को और विस्तृत किया।
इसके बाद भारतीय वायु सेना में स्थायी प्रतिनियुक्ति पर डीजीएमएस (वायु) के रूप में उनकी नियुक्ति सैन्य चिकित्सा में उनके लंबे योगदान की निरंतरता है। यह नियुक्ति भारतीय वायु सेना की चिकित्सा सेवाओं में उनके व्यापक त्रि-सेवा अनुभव को भी साथ लाती है।
डीजीएमएस (वायु) के रूप में एयर मार्शल हांडे भारतीय वायु सेना को वरिष्ठ चिकित्सा नेतृत्व प्रदान करेंगे और उसकी चिकित्सा सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा उपलब्धता तथा चिकित्सकीय तैयारी के प्रमुख पहलुओं की देखरेख करेंगे। एक विशेषज्ञ चिकित्सक, वरिष्ठ सलाहकार, अस्पताल कमांडर और चिकित्सा प्रशासक के रूप में उनका अनुभव उन्हें नैदानिक और संगठनात्मक, दोनों स्तरों पर मजबूत आधार देता है।
उनका करियर केवल चिकित्सा विशेषज्ञता के लिए ही नहीं, बल्कि थलसेना, नौसेना और वायु सेना की चिकित्सा व्यवस्थाओं में निभाई गई विविध जिम्मेदारियों के लिए भी उल्लेखनीय रहा है। आईएनएचएस अस्विनी, डीजीएएफएमएस के कार्यालय और अन्य विशेषज्ञ तथा प्रशासनिक पदों पर उनकी सेवाओं ने सैन्य चिकित्सा संचालन की व्यापक समझ दी है।
कार्यभार संभालने के साथ एयर मार्शल विवेक हांडे भारतीय वायु सेना की चिकित्सा सेवाओं में दशकों का विशेषज्ञ ज्ञान, नेतृत्व अनुभव और त्रि-सेवा कार्यानुभव लेकर आए हैं। उनकी नियुक्ति वायु सेना चिकित्सा शाखा के वरिष्ठ नेतृत्व को और मजबूत करती है तथा पेशेवर चिकित्सा विशेषज्ञता, संगठनात्मक तैयारी और सशस्त्र बलों के लिए एकीकृत स्वास्थ्य सहायता के महत्व को रेखांकित करती है।