चेतक कोर में 31 अगस्त 2026 को कमान परिवर्तन हुआ, जब लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विरक, एवीएसएम, एसएम ने कमान छोड़ी और उसका कार्यभार लेफ्टिनेंट जनरल विक्रांत सुरेश देशपांडे, एवीएसएम को सौंपा गया।
लेफ्टिनेंट जनरल विक्रांत एस देशपांडे भारतीय सेना के एक अत्यंत अनुभवी अधिकारी हैं और उनके पास एक विशिष्ट सैन्य करियर रहा है। उन्होंने कमान ऐसे समय संभाली है, जब कोर की अभियानगत प्रभावशीलता और युद्ध तत्परता को और मजबूत करने का दायित्व सामने है।
कमान संभालने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल देशपांडे ने सभी रैंकों से आग्रह किया कि वे चल रहे प्रयासों की गति बनाए रखें और अभियानगत तैयारी तथा युद्ध क्षमता को और बेहतर करने की दिशा में काम करते रहें। उन्होंने चेतक वॉरियर्स से अपने अभियानगत दायित्वों पर केंद्रित रहने और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों की ओर निरंतर प्रयास करने को कहा।
लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विरक ने 21 मई 2025 को चेतक कोर की कमान संभाली थी और एक वर्ष से अधिक समय तक इस गठन का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल के दौरान कोर ने अभियानगत तत्परता, संयुक्तता और सैन्य-नागरिक समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया।
उनके नेतृत्व में मिशन तत्परता और कर्मियों के कल्याण पर भी जोर दिया गया। इसमें सभी रैंकों के समग्र “हैप्पीनेस कोटिएंट” को बढ़ाने के प्रयास शामिल थे, जिससे कोर की अभियानगत जिम्मेदारियों के साथ एक जन-केंद्रित दृष्टिकोण भी विकसित हुआ।
कमान परिवर्तन के साथ चेतक कोर में एक नया अध्याय शुरू हुआ है, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल देशपांडे पिछली अवधि में स्थापित अभियानगत प्राथमिकताओं और संस्थागत पहलों को आगे बढ़ाएंगे।
सप्त शक्ति कमान ने लेफ्टिनेंट जनरल विक्रांत एस देशपांडे को कमान संभालने पर बधाई दी और लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विरक को उनके आगामी दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।
यह परिवर्तन भारतीय सेना की उस स्थापित परंपरा को भी दर्शाता है, जिसमें उत्तराधिकारी कमांडर अपने पूर्ववर्तियों की अभियानगत तत्परता, व्यावसायिकता और संस्थागत विरासत को आगे बढ़ाते हैं।