एयर मार्शल के. ए. ए. संजीब ने 01 सितंबर 2026 से भारतीय वायु सेना में एयर ऑफिसर-इन-चार्ज मेंटेनेंस का पदभार संभाल लिया है। यह बदलाव वायु सेना की रखरखाव और तकनीकी सहायता व्यवस्था के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ नेतृत्व में हुआ है।
एयर मार्शल संजीब को सितंबर 1988 में भारतीय वायु सेना की एरोनॉटिकल इंजीनियर (मैकेनिकल) शाखा में कमीशन मिला था। अपने विशिष्ट करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण फील्ड और स्टाफ नियुक्तियां संभाली हैं, जिससे उन्हें विमान रखरखाव, इंजीनियरिंग प्रबंधन और तकनीकी प्रशासन का व्यापक अनुभव मिला है।
एयर ऑफिसर-इन-चार्ज मेंटेनेंस का दायित्व संभालने से पहले एयर मार्शल संजीब एयर मुख्यालय में महानिदेशक (विमान) के रूप में कार्यरत थे। विमान संबंधी जिम्मेदारियों में उनके अनुभव से बेड़े की उपलब्धता, रखरखाव दक्षता और भारतीय वायु सेना की तकनीकी तैयारी पर निरंतर ध्यान बनाए रखने में मदद मिलने की अपेक्षा है।
एयर ऑफिसर-इन-चार्ज मेंटेनेंस के रूप में वे विमान सेवा-योग्यता, इंजीनियरिंग सहायता, रखरखाव योजना और परिचालन क्षमताओं की निरंतरता सहित रखरखाव तंत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं की निगरानी करेंगे। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय वायु सेना नई पीढ़ी के प्लेटफॉर्म और प्रौद्योगिकियों को शामिल करते हुए उच्च बेड़ा उपलब्धता बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
एयर मार्शल संजीब ने एयर मार्शल संजीव घुरातिया का स्थान लिया है, जो 31 अगस्त 2026 को लगभग चार दशकों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। एयर मार्शल घुरातिया सितंबर 2025 से एयर ऑफिसर-इन-चार्ज मेंटेनेंस के रूप में कार्यरत थे।
यह परिवर्तन भारतीय वायु सेना में वरिष्ठ तकनीकी नेतृत्व की निरंतरता को दर्शाता है, ऐसे समय में जब विमान उपलब्धता, स्वदेशी रखरखाव क्षमता, आधुनिकीकरण और उन्नत प्लेटफॉर्मों का प्रभावी एकीकरण परिचालन तत्परता बनाए रखने के लिए केंद्रीय बने हुए हैं।
एयर मार्शल के. ए. ए. संजीब का यह पदभार ग्रहण भारतीय वायु सेना की रखरखाव अवसंरचना, तकनीकी क्षमताओं और समग्र परिचालन तैयारी को मजबूत करने के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।