एयर मार्शल संदीप थरेजा ने 1 सितंबर 2026 को 47वें महानिदेशक, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएँ के रूप में पदभार संभाला। उन्होंने रक्षा बलों के लिए व्यापक चिकित्सा सहायता की सर्वोच्च जिम्मेदारी संभाली।
पदभार ग्रहण करने से पहले एयर मार्शल थरेजा ने नई दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी।
महानिदेशक, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएँ के रूप में एयर मार्शल संदीप थरेजा अब सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएँ के तहत चिकित्सा सहायता की आपूर्ति की निगरानी करेंगे। उनका कार्यकाल ऐसे समय में शुरू हुआ है जब इस व्यवस्था में परिचालन चिकित्सा तैयारी, तीनों सेनाओं के बीच बेहतर संयुक्तता, सैन्य स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण, डिजिटल स्वास्थ्य पहल, चिकित्सा अनुसंधान, नवाचार, मानव संसाधन विकास और सेवारत कर्मियों, पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दिया जा रहा है।
वह पुणे स्थित सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। उन्हें दिसंबर 1986 में सेना चिकित्सा कोर में कमीशन मिला था। एक प्रतिष्ठित चिकित्सक और जठरांत्र रोग विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने दिल्ली से मेडिसिन में एमडी तथा नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में डीएम किया।
लगभग चार दशकों के करियर में एयर मार्शल थरेजा ने नैदानिक, शैक्षणिक, परिचालन और प्रशासनिक स्तर पर कई जिम्मेदारियाँ निभाईं। उनकी प्रमुख नियुक्तियों में 167 सैन्य अस्पताल के कमांडेंट, बेस अस्पताल दिल्ली छावनी में प्रशासन के प्रभारी ब्रिगेडियर और सैनिकों के कमांडर, तथा कमांड अस्पताल (सेंट्रल कमांड) के कमांडेंट शामिल रहे।
कोविड-19 महामारी के दौरान बेस अस्पताल दिल्ली छावनी में उनकी तैनाती के समय जटिल और तेजी से बदलती स्वास्थ्य तथा प्रशासनिक चुनौतियों का प्रबंधन किया गया। कमांड अस्पताल, लखनऊ के कमांडेंट के रूप में उनके कार्यकाल में नए कमांड अस्पताल के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट रिकॉर्ड समय में तैयार की गई, जिससे सैन्य स्वास्थ्य ढांचे के दीर्घकालिक विस्तार को समर्थन मिला।
पुणे स्थित सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय के निदेशक और कमांडेंट के रूप में एयर मार्शल थरेजा ने चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को मजबूत करने के लिए कई पहलें आगे बढ़ाईं। इस प्रमुख सैन्य चिकित्सा संस्थान में उनके नेतृत्व का केंद्र व्यावसायिक शिक्षा, अनुसंधान क्षमता और सशस्त्र बलों के लिए भविष्य के चिकित्सा कर्मियों के विकास को आगे बढ़ाना था।
एयर वाइस मार्शल के रूप में डीजीएमएस (वायु) रहते हुए एयर मार्शल थरेजा ने गगनयान मिशन के चिकित्सा पहलुओं को महत्वपूर्ण बल दिया और अंतरिक्षयात्री चयन तथा प्रशिक्षण से जुड़े समानांतर प्रयोगों में अग्रणी भूमिका निभाई। इन पहलों से चिकित्सा और शारीरिक दृष्टि से भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान तैयारी को मजबूत करने में मदद मिली।
उनके कार्यकाल में भारत की मानवीय चिकित्सा पहुंच का विस्तार भी हुआ। भारत स्वास्थ्य पहल के लिए सहयोग, हित और मैत्री के बीएचआईएसएचएम क्यूब प्रधानमंत्री द्वारा मालदीव को भेंट किए गए, जबकि जमैका, क्यूबा, श्रीलंका और म्यांमार जैसे देशों को मानवीय सहायता और आपदा राहत समर्थन के लिए भी इस क्षमता का उपयोग किया गया।
एयर मार्शल थरेजा की विविध जिम्मेदारियाँ सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएँ की पारंपरिक सैन्य स्वास्थ्य व्यवस्था से आगे बढ़ती भूमिका को दर्शाती हैं। इसमें परिचालन चिकित्सा, उन्नत चिकित्सा अनुसंधान, अंतरिक्ष चिकित्सा, आपदा प्रतिक्रिया, चिकित्सा शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता शामिल हैं।
महानिदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब सशस्त्र बल मौजूदा और भविष्य के परिचालन वातावरण के लिए चिकित्सा तैयारी को और मजबूत कर रहे हैं। तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य सेवाएँ, नवाचार, अनुसंधान और एकीकृत चिकित्सा सहायता पर ध्यान इस दिशा में केंद्रीय बना रहने की उम्मीद है।
एयर मार्शल संदीप थरेजा के 47वें महानिदेशक, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएँ के रूप में कार्यभार संभालने के साथ ही सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएँ नेतृत्व, आधुनिकीकरण और चिकित्सा उत्कृष्टता के नए चरण में प्रवेश कर रही है। साथ ही यह व्यवस्था सेवारत कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा के अपने संकल्प को आगे बढ़ा रही है।