भारतीय सेना की कोर ऑफ सिग्नल्स पर्वतारोहण टीम ने लद्दाख में 6,000 मीटर से ऊंची तीन चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर एक महत्वाकांक्षी उच्च-ऊंचाई अभियान पूरा किया है। इस उपलब्धि ने टीम की असाधारण सहनशक्ति, साहस और पर्वतारोहण दक्षता को सामने रखा।
“वीरता के सपने – तीन चोटियां, एक मिशन, असीम संकल्प” विषय के तहत किए गए इस अभियान का समापन अगस्त 2026 में माउंट चमसर कांगरी (6,622 मीटर) की सफल चढ़ाई के साथ हुआ। यह कोर ऑफ सिग्नल्स टीम के लिए लद्दाख के चुनौतीपूर्ण उच्च-ऊंचाई वाले इलाके में पूरी की गई तीन-चोटी मिशन की अंतिम कड़ी थी।
इससे पहले अगस्त में पर्वतारोहियों ने माउंट कियागर री (6,100 मीटर) और माउंट मेनटोक कांगरी (6,250 मीटर) पर भी सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी। इसके बाद टीम ने अधिक ऊंचाई वाली माउंट चमसर कांगरी को लक्ष्य बनाया।
6,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर अभियान चलाना पर्वतारोहियों के लिए बेहद कम ऑक्सीजन, कठिन भूभाग और तेजी से बदलते मौसम जैसी चुनौतियों से जूझने की मांग करता है। तीनों चढ़ाइयों की सफल समाप्ति ने टीम की शारीरिक तैयारी, तकनीकी विशेषज्ञता, सावधानीपूर्वक योजना और कठिन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने की क्षमता को दर्शाया।
इस अभियान ने भारतीय सेना की प्रशिक्षण परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बने साहसिक भावना और दृढ़ता को भी प्रदर्शित किया।
एक ही मिशन में माउंट कियागर री, माउंट मेनटोक कांगरी और माउंट चमसर कांगरी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर कोर ऑफ सिग्नल्स के पर्वतारोहियों ने टीमवर्क और संकल्प का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि अभियान के आदर्श वाक्य—तीन चोटियां, एक मिशन और असीम संकल्प—का उपयुक्त प्रतिबिंब भी रही।