लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे, फायर एंड फ्यूरी कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, ने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ आगे तैनात सैनिकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की कठिन ऊँचाई वाली भौगोलिक परिस्थितियों में उनकी परिचालन तैयारियों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तैनात सैनिकों की तत्परता का आकलन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मियों से बातचीत की और उच्च स्तर की परिचालन प्रभावशीलता तथा युद्ध तैयारी बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी ली।
सेना कमांडर ने कठिन भूभाग और अत्यंत कठोर जलवायु परिस्थितियों में सेवा दे रहे सैनिकों के साथ-साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के कर्मियों की दृढ़ता, पेशेवर दक्षता और समर्पण की सराहना की।
सैनिकों को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने उभरती परिचालन चुनौतियों के लिए तैयार रहने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सभी रैंकों से उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने और नवीन समाधानों को अपनाने की अपील की, ताकि परिचालन प्रभावशीलता और मजबूत हो सके।
इस दौरे से यह भी स्पष्ट हुआ कि फायर एंड फ्यूरी कोर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात बलों के बीच युद्ध तैयारी, प्रौद्योगिकीय अनुकूलन और समन्वय को लगातार बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
यह कोर लद्दाख क्षेत्र में अभियानों की जिम्मेदारी संभालती है, जहाँ सैनिक दुनिया के सबसे कठिन ऊँचाई वाले भूभागों में तैनात रहते हैं।