अवाडी में स्थित वायु सेना स्टेशन पर भारतीय वायु सेना ग्राउंड डिफेंस कॉलेज के उद्घाटन के साथ विशेष सुरक्षा और एयरबेस ग्राउंड डिफेंस प्रशिक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
इस नवस्थापित संस्थान का उद्घाटन सोमवार को एयर मार्शल एस शिवकुमार, वीएसएम, एयर ऑफिसर-इन-चार्ज एडमिनिस्ट्रेशन ने किया।
उद्घाटन के साथ ही नए केंद्र पर पहला ग्राउंड कॉम्बैट कोर्स भी शुरू हुआ, जिससे भारतीय वायु सेना की जमीनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण की शुरुआत हुई।
ग्राउंड डिफेंस कॉलेज की स्थापना इस बात का संकेत है कि भारतीय वायु सेना अब अपने कर्मियों को एयरबेस और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों से बचाने के लिए अधिक तैयार करने पर जोर दे रही है।
आधुनिक हवाई अभियानों में केवल विमानों और वायु क्षमता की ही नहीं, बल्कि उन ठिकानों की सुरक्षा और मजबूती की भी अहम भूमिका होती है, जहां से ये संचालन किए जाते हैं। इसलिए विशेष जमीनी मुकाबला और सुरक्षा प्रशिक्षण, विशेषकर बढ़े हुए खतरे वाले माहौल में, निर्बाध हवाई अभियानों को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण माना जाता है।
उद्घाटन समारोह में मुख्यालय मरम्मत कमान और प्रशिक्षण कमान के प्रतिनिधियों के साथ-साथ रक्षा बलों और नागरिक सुरक्षा एजेंसियों के आमंत्रित अतिथि भी उपस्थित रहे।
विभिन्न सैन्य और नागरिक सुरक्षा संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में समन्वय और अनुभव के आदान-प्रदान के महत्व को रेखांकित किया।
पहले ग्राउंड कॉम्बैट कोर्स की शुरुआत के साथ भारतीय वायु सेना ग्राउंड डिफेंस कॉलेज से यह अपेक्षा की जा रही है कि यह एयरबेस ग्राउंड डिफेंस और सुरक्षा अभियानों के लिए आवश्यक विशेष कौशल, परिचालन तैयारी और व्यावसायिक दक्षता विकसित करने का समर्पित केंद्र बनेगा।