जूनियर लीडर्स अकादमी, बरेली में आयोजित नेतृत्व एवं प्रबंधन पाठ्यक्रम 9 सितंबर 2026 को संपन्न हुआ। इस पाठ्यक्रम में भारतीय सशस्त्र बलों, अर्द्धसैनिक बलों और मित्र विदेशी देशों के कर्मियों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम में भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना, असम राइफल्स और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जूनियर रैंक के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के तहत श्रीलंका, मालदीव, नेपाल और आइवरी कोस्ट के 34 जूनियर रैंक के अधिकारी भी प्रशिक्षण में शामिल हुए।
यह पाठ्यक्रम इस तरह तैयार किया गया था कि जूनियर रैंक के अधिकारियों में परिचालन से जुड़ी नेतृत्व और प्रबंधन क्षमताओं का विकास हो सके। इन अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे लगातार अधिक जटिल होते परिचालन परिवेश में बड़ी जिम्मेदारियां संभालें।
प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को वह ज्ञान, मानसिक दृढ़ता, नेतृत्व कौशल और तकनीकी दक्षता देना था, जिनकी आवश्यकता उन्हें आज और भविष्य के युद्धक्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ काम करने के लिए होती है। साथ ही, इस कार्यक्रम ने विभिन्न सेवाओं और देशों के कर्मियों को एक-दूसरे से संवाद करने, अनुभव साझा करने और आधुनिक सैन्य परिवेश में नेतृत्व की व्यापक समझ विकसित करने का अवसर भी दिया।
सेना, नौसेना, वायु सेना, असम राइफल्स और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के कर्मियों की भागीदारी ने विभिन्न सेवाओं और संगठनों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया। चार मित्र विदेशी देशों के जूनियर रैंक के अधिकारियों की मौजूदगी ने पेशेवर सैन्य संपर्क और सहयोग को और मजबूत किया।
जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के हवलदार रोहित चौधरी को उनके समग्र प्रदर्शन के लिए पाठ्यक्रम का सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी घोषित किया गया।
बरेली स्थित जूनियर लीडर्स अकादमी जूनियर रैंकों में नेतृत्व गुणों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह उन्हें कर्मियों का प्रभावी नेतृत्व करने और आधुनिक युद्ध की बदलती तकनीकी तथा परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप ढलने के लिए तैयार करती है।