भारतीय सेना ने जयपुर के महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य सेवारत और सेवानिवृत्त सेना कर्मियों की पुत्रियों तथा आश्रितों, साथ ही उन सैनिक परिवारों को शैक्षिक अवसर बढ़ाना है, जिनके परिजनों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है या सेवा के दौरान निधन हुआ है।
इस समझौते के तहत पात्र आश्रितों को स्कूल में शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण शुल्क रियायतें दी जाएंगी। इससे सेना परिवारों को अतिरिक्त शैक्षिक सहायता मिलेगी।
समझौते के अनुसार, युद्ध विधवाओं, सेवा के दौरान निधन हुए कर्मियों और युद्ध हताहत घोषित कर्मियों की दो आश्रित संतानों को 50 प्रतिशत ट्यूशन शुल्क में छूट दी जाएगी।
यह 50 प्रतिशत रियायत केवल ट्यूशन शुल्क तक सीमित नहीं रहेगी। इसके दायरे में प्रवेश शुल्क, आवास शुल्क और जमानत राशि भी शामिल होगी, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ काफी कम होगा।
समझौते में सेवारत भारतीय सेना कर्मियों की पांच आश्रित संतानों के लिए 15 प्रतिशत ट्यूशन शुल्क छूट का प्रावधान भी किया गया है।
इसके अलावा, सेवानिवृत्त सेना कर्मियों की तीन आश्रित संतानों को भी ट्यूशन शुल्क में 15 प्रतिशत की रियायत मिलेगी।
यह पहल अपने कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण पर भारतीय सेना के निरंतर जोर को दर्शाती है। इसमें बच्चों की शिक्षा तक पहुंच को आसान बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल, जयपुर के साथ यह समझौता सेना परिवारों के लिए संस्थागत सहयोग का एक और माध्यम जोड़ता है। इसमें उन परिवारों के लिए विशेष प्रावधान भी शामिल हैं, जिनके कर्मियों ने राष्ट्र की सेवा करते हुए अपने प्राण गंवाए।