पुणे स्थित कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग में यंग ऑफिसर्स कोर्स 8 सितंबर 2026 को संपन्न हुआ। इसके साथ ही भारतीय सेना और मित्र विदेशी देशों के युवा अधिकारियों का विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण पूरा हुआ।
यह कोर्स युवा अधिकारियों को युद्ध में प्रभावी प्लाटून कमांडर की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें कठिन युद्ध परिस्थितियों में सेवा देने के लिए आवश्यक व्यावसायिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता और परिचालन कौशल विकसित करने पर जोर दिया जाता है।
भारतीय सेना के अधिकारियों के साथ 11 मित्र विदेशी देशों के अधिकारियों ने भी इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा किया। इनमें नेपाल, श्रीलंका, कैमरून, तंजानिया, गाम्बिया और युगांडा के अधिकारी शामिल थे, जो भारत और साझेदार देशों के बीच जारी सैन्य प्रशिक्षण सहयोग को दर्शाता है।
लेफ्टिनेंट बादल ने भारतीय सेना के अधिकारियों में प्रथम स्थान प्राप्त कर विशेष उपलब्धि हासिल की। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें सिल्वर ग्रेनेड और जीओसी-इन-सी आर्मी ट्रेनिंग कमांड अवार्ड से सम्मानित किया गया।
मित्र विदेशी देशों के अधिकारियों में नेपाल सेना के कैप्टन आर्या जॉन श्रेष्ठ ने पहला स्थान हासिल किया।
समापन संबोधन कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल एके रमेश, एसएम ने दिया। उन्होंने युवा अधिकारियों से अपनी-अपनी सेनाओं में बड़ी जिम्मेदारियां संभालने की तैयारी के दौरान दृढ़ता, पहल और मिशन-प्रथम दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।
कोर्स का सफल समापन युवा अधिकारियों को प्लाटून कमांडर के रूप में सैनिकों का नेतृत्व करने के लिए आवश्यक व्यावसायिक आधार प्रदान करता है। साथ ही यह उनमें नेतृत्व, अनुकूलनशीलता और परिचालन प्रभावशीलता जैसे गुणों को और मजबूत करता है।