रायपुर, 1 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने राज्य सिविल सेवाओं में चयनित तृतीय श्रेणी पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए पहले से लागू 10 प्रतिशत आरक्षण को क्रियान्वित करने के लिए भर्ती नियमों को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय 30 सितंबर 2026 को रायपुर के महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 को स्वीकृति दी। इन नियमों में नियुक्ति और सेवा शर्तें, भर्ती मानदंड, आरक्षण प्रावधान तथा चयन प्रक्रिया तय की गई है, जिनके माध्यम से यह कोटा लागू किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस मंजूरी से कोई नया आरक्षण नहीं बनाया गया है, बल्कि पहले से लिए गए नीति-निर्णय को लागू करने के लिए आवश्यक भर्ती ढांचा तैयार किया गया है।
इस प्रावधान के तहत पूर्व अग्निवीरों को पुलिस विभाग में सिपाही, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वन रक्षक तथा कारागार विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर सीधी भर्ती में आरक्षण मिलेगा।
10 प्रतिशत आरक्षण को इससे पहले 22 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिकों के लिए तृतीय श्रेणी सिविल सेवाओं में रिक्तियों के आरक्षण नियम, 2026 के माध्यम से मंजूरी दी गई थी। यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुरूप था। इसका उद्देश्य केंद्र की अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मियों के पुनर्वास और रोजगार को सहायता देना था।
पुराने नियमों के अनुसार पात्रता केवल छत्तीसगढ़ के उन अग्निवीरों तक सीमित है, जिन्होंने सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी की हो और जिन्हें वैध सेवा प्रमाणपत्र के साथ मुक्त किया गया हो। राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम इन कर्मियों के लिए संगठित रोजगार के अवसर खोलेगा, साथ ही पुलिस, वन और कारागार विभागों को उनके प्रशिक्षण, अनुशासन और सेवा अनुभव का लाभ मिलेगा।
30 सितंबर की मंजूरी के साथ नीति घोषणा और वास्तविक भर्ती के बीच की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब नियम स्वीकृत होने के बाद संबंधित विभाग चयन प्रक्रिया तैयार कर सकेंगे और चिन्हित तृतीय श्रेणी पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत कोटा लागू कर सकेंगे।
उसी मंत्रिमंडल बैठक में शासकीय महाविद्यालयों के लिए संशोधित अतिथि व्याख्याता नीति, 2026 को भी पश्चात् स्वीकृति दी गई और फिल्म हनुमान अंश के कर-मुक्त दर्जे से संबंधित आदेश का अनुसमर्थन किया गया। ये निर्णय अग्निवीर भर्ती ढांचे से अलग हैं।