श्रीनगर, 4 अक्टूबर: श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ड्रॉप गेट पर पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मियों ने संदिग्ध प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किए जाने के बाद एक सेना कर्मी को गिरफ्तार किया, अधिकारियों ने रविवार को बताया।
अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी शनिवार, 3 अक्टूबर को हवाई अड्डे के ड्रॉप गेट पर जांच के दौरान की गई। बरामदगी में 213 ग्राम अफीम की भूसी और 69 ग्राम भांग-जैसा पदार्थ शामिल था। सुरक्षा कर्मियों ने जब्त सामग्री अपने कब्जे में ले ली।
मामले में कानून की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती आधिकारिक जानकारी में कर्मी की पहचान, रैंक, इकाई, संबंधित थाना और लागू की गई सटीक धाराएं सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
यह घटना प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में सामने आई और इसे न्यूज़18, आउटलुक इंडिया, कश्मीर रीडर और कश्मीर लाइफ सहित कई माध्यमों ने प्रकाशित किया। रिपोर्टों में गिरफ्तारी की जगह हवाई अड्डे का ड्रॉप गेट ही बताई गई और दोनों पदार्थों की मात्रा भी समान रूप से दर्ज की गई। एजेंसी रिपोर्टों के समय सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
अफीम की भूसी और भांग, स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत नियंत्रित पदार्थ हैं। अधिनियम में तय छोटी मात्रा की सीमा से अधिक कब्ज़ा होने पर अभियोजन हो सकता है, हालांकि यह प्रयोगशाला पुष्टि और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर होगा। अधिकारियों ने दूसरे बरामद पदार्थ को भांग-जैसा बताया है, जिससे साफ है कि रासायनिक जांच भी जांच का हिस्सा होगी।
श्रीनगर में हवाई अड्डे की सुरक्षा नागरिक विमानन सुरक्षा ढांचे के तहत पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से संभालती हैं। ड्रॉप गेट वह बाहरी जांच बिंदु है, जिसका इस्तेमाल टर्मिनल क्षेत्र में प्रवेश करने वाले वाहनों और व्यक्तियों की जांच के लिए किया जाता है। एजेंसी रिपोर्टों में यह नहीं बताया गया कि कर्मी आ रहा था, जा रहा था या पारगमन में था, और न ही यह स्पष्ट किया गया कि बरामद सामग्री कहां से आई।
जांच में पदार्थों के स्रोत, उन्हें ले जाने की परिस्थितियों और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं, इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जब तक जांच पूरी नहीं होती और बरामद सामग्री की फॉरेंसिक पुष्टि नहीं हो जाती, मामला अधिकारियों की बताई गई बरामदगी के आधार पर दर्ज और जांच के स्तर पर ही रहेगा।