पंचकुला से देवरिया ले जाई जा रही सूबेदार मेजर सत्तावन सिंह की पार्थिव देह को लेकर जा रही एंबुलेंस रविवार सुबह सुल्तानपुर जिले में खड़े ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में सूबेदार मेजर के इकलौते बेटे, बड़े भाई और एक भतीजे समेत चार लोगों की मौत हो गई।
यह दुर्घटना सुबह करीब 8:15 बजे हलीयापुर के पास, अयोध्या–सुल्तानपुर सीमा पर किलोमीटर संख्या 79.6 के आसपास हुई। पुलिस के मुताबिक एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई, जिससे वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मृतकों की पहचान गौरव सिंह, 18, सूबेदार मेजर के इकलौते बेटे; रामसुझ, उनके बड़े भाई; राजन, जो रिश्ते में भतीजा बताए गए; और एंबुलेंस चालक जसपाल के रूप में हुई है। गौरव सिंह और जसपाल आगे की सीटों पर बैठे थे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। चालक का शव वाहन के मलबे में फंस गया था, जिसे गैस कटर से बाहर निकाला गया।
रामसुझ और राजन को अयोध्या के एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कुछ एजेंसी रिपोर्टों में उम्र और रिश्ते को लेकर अलग जानकारी दी गई है, लेकिन स्थानीय रिपोर्टों में रामसुझ को बड़े भाई और राजन को भतीजा बताया गया है तथा गौरव सिंह की उम्र 18 वर्ष बताई गई है।
सूबेदार मेजर सत्तावन सिंह देवरिया जिले के रुद्रपुर क्षेत्र के गलिया दूधैला गांव के रहने वाले थे। वे सेना में कार्यरत थे और मेरठ में तैनात थे। किडनी प्रत्यारोपण के बाद उनका उपचार चंडीगढ़ स्थित कमांड अस्पताल में चल रहा था और दुर्घटना से तीन दिन पहले पंचकुला में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनकी मौत किसी सैन्य अभियान में नहीं हुई थी।
उनकी मृत्यु के बाद बेटा, भाई और भतीजा पार्थिव देह को घर लाने के लिए पंचकुला पहुंचे थे। वे शनिवार शाम करीब 4 बजे एंबुलेंस से रवाना हुए थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य अलग वाहन से पीछे आ रहे थे। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि चालक को झपकी आ गई होगी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि टक्कर से पहले एंबुलेंस तेज रफ्तार में थी और फिर नियंत्रण खो बैठी। पुलिस इस हिस्से के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। हादसे की सूचना राहगीरों और डायल 112 के जरिए मिलने के बाद टीमें मौके पर पहुंचीं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया गया।
सुल्तानपुर के जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने घटनास्थल का दौरा किया। सूबेदार मेजर सत्तावन सिंह के पार्थिव शरीर को हलीयापुर थाने में सम्मानपूर्वक रखा गया, ताकि उसे परिवार को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए शोक व्यक्त किया और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने तथा शोकसंतप्त परिवार की सहायता करने के निर्देश दिए।
परिवार पहले ही सूबेदार मेजर का शव लेकर लौट रहा था, और अब उसी यात्रा में उसने अपना इकलौता बेटा तथा दो अन्य पुरुष परिजन भी खो दिए हैं।