कोलकाता: ब्रिगेडियर एसएस पुंडीर ने 2 बंगाल गर्ल्स बटालियन एनसीसी का दौरा कर यूनिट की तैयारियों और प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशासनिक कामकाज और रसद व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
ब्रिगेडियर पुंडीर एनसीसी ग्रुप मुख्यालय कोलकाता ‘बी’ के ग्रुप कमांडर हैं। यह बटालियन एनसीसी निदेशालय पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अंतर्गत आती है। दौरे का उद्देश्य यूनिट की क्षमता और प्रशासनिक दक्षता बेहतर करना तथा कैडेटों को प्रशिक्षण देने वाले कर्मियों में नेतृत्व, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करना था।
दौरे के दौरान उन्हें बटालियन की मौजूदा गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी पहलों और रसद प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने प्रशिक्षण, प्रशासन और रसद से जुड़े कामों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया।

ब्रिगेडियर पुंडीर ने बटालियन के अधिकारियों, स्थायी अनुदेशक स्टाफ (पीआई स्टाफ), गर्ल कैडेट इंस्ट्रक्टरों (जीसीआई) और असैन्य कर्मचारियों से भी बातचीत की। उन्होंने प्रशिक्षण, प्रशासन और कैडेटों के समग्र विकास में उनके योगदान की सराहना की।

उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रशिक्षण के लिए अनुदेशकों, प्रशासनिक कर्मचारियों और सहयोगी स्टाफ का साझा प्रयास जरूरी है। बटालियन के सुचारु संचालन के लिए उन्होंने पेशेवर कार्यशैली, टीम भावना और आपसी समन्वय को अहम बताया।
ब्रिगेडियर पुंडीर ने सभी रैंकों से अनुशासन, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कर्मियों से अपने आचरण के जरिए मिसाल पेश करने को कहा, क्योंकि अनुदेशकों और स्टाफ का व्यवहार कैडेटों के चरित्र, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को आकार देने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ मिलकर बटालियन के लक्ष्यों की दिशा में काम करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

2 बंगाल गर्ल्स बटालियन एनसीसी बालिका कैडेटों को व्यवस्थित प्रशिक्षण और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के अवसर देती है। इसके कार्यक्रमों में आत्मविश्वास, अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने पर ध्यान दिया जाता है। एनसीसी प्रशिक्षण के जरिए युवतियों में टीम के साथ काम करने, चुनौतियों का सामना करने और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता विकसित करना भी इसका हिस्सा है।
बटालियन की गतिविधियां राष्ट्रीय कैडेट कोर के व्यापक उद्देश्यों से जुड़ी हैं। इनमें युवाओं में चरित्र, साथियों के प्रति सहयोग, नेतृत्व, धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण, साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि और निस्वार्थ सेवा की भावना विकसित करना शामिल है। एनसीसी का आदर्श वाक्य ‘एकता और अनुशासन’ है।