इलेक्ट्रॉनिक्स और यांत्रिक इंजीनियरों के कोर के अधिकारियों के लिए आयोजित यंग आफिसर्स कोर्स 14 जुलाई 2026 को वडोदरा स्थित ईएमई स्कूल में संपन्न हुआ। यह कोर्स संस्थान के उस प्रयास का एक और सफल अध्याय रहा, जिसके तहत तकनीकी रूप से दक्ष और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सैन्य नेतृत्व तैयार किया जाता है।
इस पाठ्यक्रम में भारतीय सेना के युवा अधिकारियों के साथ संयुक्त गणराज्य तंजानिया के अधिकारी भी शामिल हुए। इससे भारतीय सेना की पेशेवर सैन्य शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता भी सामने आई।
नव-नियुक्त और युवा अधिकारियों को उनके भावी दायित्वों के लिए आवश्यक तकनीकी ज्ञान, नेतृत्व कौशल और पेशेवर दक्षता देने के उद्देश्य से यह कोर्स आयोजित किया जाता है। यह ईएमई अधिकारियों के करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।
यह कार्यक्रम अधिकारियों को उन उन्नत सैन्य तकनीकों और उपकरणों के संचालन तथा रखरखाव की विशेषज्ञता प्रदान करता है, जो भारतीय सेना की संचालन क्षमता की आधारशिला हैं।
इस बार के कोर्स में भारतीय सेना के अधिकारियों के साथ तंजानिया सेना के दो अधिकारी भी शामिल रहे। इससे भारत और मित्र विदेशी देशों के बीच सैन्य संबंध और मजबूत हुए हैं।
विदेशी प्रतिभागियों की भागीदारी ने रक्षा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया। साथ ही, इससे सशस्त्र बलों के बीच पेशेवर आदान-प्रदान और परस्पर समन्वय को बढ़ावा मिला।
समापन समारोह की अध्यक्षता ईएमई स्कूल के कार्यवाहक कमांडेंट ब्रिगेडियर सौरभ जैन ने की। उन्होंने कोर्स के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया और सभी प्रतिभागियों की लगन, पेशेवर रवैये और समर्पण की सराहना की।
कैप्टन मधुरा संतोष कुंजिर को कोर्स में समग्र सर्वश्रेष्ठ छात्रा घोषित किया गया। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन, नेतृत्व गुणों और पेशेवर उत्कृष्टता के लिए दिया गया।
विदेशी प्रतिभागियों में तंजानिया सेना के लेफ्टिनेंट डेविड फ्रेडरिक मोंगी को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विदेशी अधिकारी के रूप में उत्कृष्टता पदक प्रदान किया गया। उनकी उपलब्धि ने इस प्रकार के पेशेवर सैन्य शिक्षा कार्यक्रमों में अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों के उच्च मानकों को दर्शाया।
ईएमई स्कूल, वडोदरा, भारतीय सेना के प्रमुख तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। यह आधुनिक सैन्य बलों में उपयोग होने वाली जटिल तकनीकों के संचालन में सक्षम अधिकारी और सैनिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
संस्थान लगातार अपनी प्रशिक्षण पद्धतियों को नई तकनीकी प्रगति और समकालीन युद्ध की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालता रहा है। विशेष पाठ्यक्रमों और उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से यह कोर की संचालन क्षमता बढ़ाने में अहम योगदान देता है।
यह कोर महत्वपूर्ण सैन्य प्लेटफार्मों, हथियार प्रणालियों और उपकरणों की सेवा-योग्यता तथा युद्ध तत्परता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। यंग आफिसर्स कोर्स का सफल समापन भारतीय सेना की पेशेवर सैन्य शिक्षा और नेतृत्व विकास में निरंतर निवेश को दिखाता है।
तकनीकी उत्कृष्टता, अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग और भविष्य के नेतृत्व को प्रोत्साहित करते हुए ईएमई स्कूल आधुनिक सैन्य अभियानों की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिकारियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण बना हुआ है।