पश्चिम बंगाल के 25 वर्षीय केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान प्रमिर सरकार की शनिवार तड़के ड्यूटी के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। वह राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा स्थित राजस्थान परमाणु विद्युत स्टेशन पर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे।
यह घटना 22 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 4:20 से 4:30 बजे के बीच हुई। सरकार यूनिट 3 और 4 के रिएक्टर भवन के बाहर तैनात थे, तभी साथियों ने गोली चलने की आवाज सुनी। मौके पर पहुंचने पर वह फर्श पर पड़े मिले और उनके सीने में गोली लगी थी।
उन्हें तुरंत राजस्थान परमाणु विद्युत स्टेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि मामला प्रथम दृष्टया अपनी ही आईएनएसएएस राइफल से आत्महत्या का प्रतीत होता है।
घटना का क्रम
सरकार रातभर उच्च सुरक्षा वाले परमाणु परिसर में ड्यूटी पर थे। सहकर्मी जवानों ने सुबह चार बजे के बाद गोली की आवाज सुनने की बात कही और उन्हें सीने में चोटों के साथ पाया। शुरुआती बयान के अनुसार किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका का संकेत नहीं मिला है।
रावतभाटा थानाधिकारी संजीव स्वामी ने पुष्टि की कि स्थानीय पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया है और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के साथ समन्वय में जांच की जा रही है। अन्य अधिकारियों ने कहा है कि आत्महत्या और गोली के अनजाने में चल जाने, दोनों पहलुओं की जांच की जा रही है।
मृत जवान का परिचय
प्रमिर सरकार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की 2025 भर्ती बैच से थे। उन्हें रावतभाटा स्थित राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना में करीब छह महीने से तैनात किया गया था। वह पश्चिम बंगाल के निवासी थे।
अधिकारियों की ओर से उनके परिवार या पूर्व सेवा रिकॉर्ड के बारे में इससे अधिक कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था और जांच की स्थिति
रावतभाटा का राजस्थान परमाणु विद्युत स्टेशन न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड का एक प्रमुख परिसर है। यहां परमाणु ऊर्जा विभाग की संवेदनशील इकाइयों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल तैनात रहता है। ऐसे स्थलों पर जवानों को परिधि और रिएक्टर भवन की ड्यूटी के दौरान आईएनएसएएस जैसी सेवा राइफलें दी जाती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और घटना की सही स्थिति पोस्टमार्टम, घटनास्थल की जांच, हथियार की पड़ताल, सहकर्मियों के बयान और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी। अभी तक किसी उद्देश्य या कारण का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।
यह मामला अभी जांच के चरण में है और आगे की आधिकारिक जानकारी प्रारंभिक जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आने की उम्मीद है।