मणिपुर में तैनात सैन्य टुकड़ियों के दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल गिरिश कलिया, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) स्पीयर कोर ने वहां की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और अग्रिम चौकियों पर तैनात सैनिकों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान वरिष्ठ भारतीय सेना अधिकारी ने राज्य के अलग-अलग स्थानों पर तैनात असम राइफल्स के कर्मियों से बातचीत की। उन्हें सुरक्षा वातावरण, परिचालन तत्परता और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
लेफ्टिनेंट जनरल कलिया ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रही टुकड़ियों की तैयारियों का आकलन किया और उभरती सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए निरंतर सतर्कता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
जनरल ऑफिसर ने कठिन परिचालन माहौल में अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे असम राइफल्स कर्मियों की अटूट प्रतिबद्धता, दृढ़ता और पेशेवर दक्षता की सराहना की।
उन्होंने अग्रिम चौकियों पर तैनात सैनिकों के समर्पण की प्रशंसा करते हुए सभी रैंकों को अनुशासन, चौकसी और परिचालन क्षमता के सर्वोच्च मानक बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
सतत सतर्कता के महत्व को रेखांकित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल कलिया ने कर्मियों से किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने और मणिपुर में स्थायी शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रखने का आग्रह किया।
इस दौरे ने कोर कमांडर को जमीनी स्तर पर सैनिकों से सीधे बातचीत करने और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर्मियों के सामने आने वाली परिचालन चुनौतियों की प्रत्यक्ष जानकारी लेने का अवसर भी दिया।
असम राइफल्स भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह आतंकवाद-रोधी अभियानों, सीमा सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों और शांति तथा स्थिरता को समर्थन देने वाली विभिन्न पहलों में योगदान देती है।
यह दौरा भारतीय सेना के परिचालन तैयारियों, सैनिकों के मनोबल और असम राइफल्स की टुकड़ियों के साथ घनिष्ठ समन्वय पर निरंतर ध्यान को भी पुष्ट करता है, ताकि सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया जा सके और मणिपुर में स्थिरता बनाए रखी जा सके।