भारतीय वायु सेना के प्रशिक्षण कमान कमांडरों का सम्मेलन 2026 10 से 12 सितंबर तक बेंगलुरु स्थित मुख्यालय प्रशिक्षण कमान में आयोजित किया गया। इसमें वरिष्ठ कमांडरों ने प्रशिक्षण प्राथमिकताओं और उन्हें भारतीय वायु सेना के रणनीतिक उद्देश्यों के अनुरूप बनाने पर विचार-विमर्श किया।
एयर मार्शल एस श्रीनिवास, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, प्रशिक्षण कमान, ने तीन दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। बैठक में प्रशिक्षण मानकों को मजबूत करने और भारतीय वायु सेना की कार्यात्मक क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
सम्मेलन के दौरान मुख्यालय प्रशिक्षण कमान के वरिष्ठ शाखा प्रमुखों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की। इन प्रस्तुतियों में चल रही और प्रस्तावित पहलों का उल्लेख किया गया, जिनका उद्देश्य प्रशिक्षण लक्ष्यों को मजबूत करना और कर्मियों को बदलती परिचालन आवश्यकताओं के लिए तैयार करना था।
सम्मेलन में अतिथि व्याख्यान भी शामिल रहे, जिनमें भारतीय वायु सेना के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें वायु सेना की भविष्य की अधिग्रहण योजनाओं के साथ-साथ अग्निवीरवायुओं की पुनः भर्ती से संबंधित महत्वपूर्ण नीतिगत अद्यतन भी शामिल थे।
कमांडरों को संबोधित करते हुए एयर मार्शल एस श्रीनिवास ने भारतीय वायु सेना की युद्ध तत्परता को मजबूत करने में रूपांतरकारी प्रशिक्षण के महत्व पर बल दिया। चर्चाओं में यह बात भी सामने आई कि तकनीकी प्रगति और बदलते परिचालन परिवेश के अनुरूप प्रशिक्षण पद्धतियों को लगातार ढालते रहना आवश्यक है।
सम्मेलन ने कमांडरों और वरिष्ठ अधिकारियों को मौजूदा प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का आकलन करने, विचारों का आदान-प्रदान करने और अधिक सक्षम तथा भविष्य के लिए तैयार बल विकसित करने के उपाय पहचानने का मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम के समापन पर संचालन, अनुरक्षण और प्रशासन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वायु सेना स्टेशनों को ट्रॉफियां प्रदान की गईं।
वायु सेना स्टेशन येलहंका को प्रतिष्ठित “प्राइड ऑफ ट्रेनिंग कमांड” ट्रॉफी प्रदान की गई, जो प्रशिक्षण कमान के उद्देश्यों में उसके समग्र प्रदर्शन और योगदान को मान्यता देती है।
कमांडरों के इस सम्मेलन ने भारतीय वायु सेना की प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने और अपने कर्मियों को भविष्य की परिचालन चुनौतियों के लिए तैयार रखने पर जारी जोर को रेखांकित किया।