गृह मंत्रालय ने एजीएमयूटी कैडर के सभी हिस्सों को निर्देश दिया है कि आईएएस, आईपीएस, डीएएनआईसीएस और डीएएनआईपीएस अधिकारियों से जुड़े किसी भी मामले, गिरफ्तारी, प्रतिकूल अदालती आदेश या जांच एजेंसी की कार्रवाई की सूचना 48 घंटे के भीतर दी जाए।
यह निर्देश मंत्रालय की एक समीक्षा बैठक के बाद जारी किया गया, जिसमें यह पाया गया कि स्थानीय विभाग केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांचों की समय पर रिपोर्ट अक्सर नहीं दे रहे थे। एजीएमयूटी कैडर में अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप तथा दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव शामिल हैं।
48 घंटे में सूचना देने का नियम
अब कैडर के सभी हिस्सों को भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली सिविल सेवा (डीएएनआईसीएस) और उसके समकक्ष पुलिस सेवा डीएएनआईपीएस के अधिकारियों के खिलाफ किसी भी प्रथम सूचना रिपोर्ट, गिरफ्तारी, प्रतिकूल अदालती आदेश या जांच कार्रवाई की सूचना 48 घंटे के भीतर मंत्रालय को देनी होगी। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि आपराधिक और विभागीय मामलों से जुड़ी जानकारियां बिना देरी के कैडर नियंत्रक प्राधिकरण तक पहुंच सकें।
15 अक्टूबर तक अनुशासनात्मक मामलों का ब्यौरा
एजीएमयूटी के सभी हिस्सों को 15 अक्टूबर तक लंबित अनुशासनात्मक मामलों की जानकारी और सहायक दस्तावेज जमा करने को कहा गया है। इसमें स्पष्ट रूप से यह बताया जाना चाहिए कि मामला आरोपपत्र-पूर्व चरण में है या आरोपपत्र-उपरांत चरण में।
प्रस्ताव पूरे होने चाहिए। इनमें तथ्यों का स्पष्ट विवरण, घटनाक्रम का क्रम, भरोसे में लिए गए दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां, गवाहों की सूची, आरोपपत्र का मसौदा, यह स्पष्ट सिफारिश कि बड़ा दंड प्रस्तावित है या छोटा दंड, और कार्यवाही शुरू करने के कारण शामिल होने चाहिए। मंत्रालय की ओर से लौटाए गए अपूर्ण प्रस्तावों को 15 दिन के भीतर फिर से भेजना होगा।
लंबी छुट्टी की जांच
मंत्रालय ने लंबी छुट्टी पर रहने वाले अधिकारियों की गहन जांच के भी आदेश दिए हैं। प्रशासन को अवकाश खाते, छुट्टी की प्रकृति और अवधि, दिए गए विस्तार तथा अधिकारी के ठहरने के स्थान की पुष्टि करनी होगी। वेतन केवल उन्हीं अवधियों के लिए दिया जाएगा जो उपलब्ध और विधिवत स्वीकृत अवकाश से आच्छादित हों। अधिक भुगतान की पहचान कर नियमों के अनुसार वसूली की जाएगी।
लद्दाख, पुडुचेरी, मिजोरम, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह और अरुणाचल प्रदेश से विशेष रूप से अवकाश खातों की जांच करने और जहां लागू हो वहां वसूली शुरू करने को कहा गया है। बिना स्पष्ट कारण लंबे समय तक अनुपस्थित रहना, या बार-बार निर्देश देने के बावजूद ड्यूटी पर वापस न लौटना, सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई और अन्य प्रतिकूल परिणामों का कारण बन सकता है।
प्रशिक्षण, संविलयन और भर्ती
अनिवार्य प्रशिक्षण के मामले में मंत्रालय ने कहा है कि छूट के अनुरोध केवल वास्तव में असाधारण परिस्थितियों तक सीमित होने चाहिए। हर हिस्से को आंतरिक निगरानी व्यवस्था बनाने को कहा गया है, और पदोन्नति के लिए पात्रता के करीब पहुंच रहे अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए प्राथमिकता के आधार पर मुक्त किया जाना चाहिए।
अरुणाचल प्रदेश सरकार को राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों के भारतीय पुलिस सेवा में संविलयन के लिए 2025 की चयन सूची से जुड़ा अपना प्रस्ताव शीघ्र संघ लोक सेवा आयोग को भेजने का निर्देश दिया गया है। जम्मू-कश्मीर को वार्षिक निष्पादन मूल्यांकन प्रतिवेदनों का संकलन पूरा करने और लंबित आईएएस तथा आईपीएस संविलयन प्रस्तावों के लिए आवश्यक विवरण और दस्तावेज तैयार करने को कहा गया है, वह भी केंद्र द्वारा रिक्तियां अंतिम रूप देने का इंतजार किए बिना। ऐसे प्रस्ताव रिक्तियां तय होते ही तुरंत यूपीएससी को भेजने के लिए तैयार रखे जाने हैं।
मंत्रालय ने एजीएमयूटी के सभी हिस्सों से राज्य सिविल और पुलिस सेवाओं के प्रवेश-स्तर में भर्ती की प्रक्रिया लगातार और तेजी से जारी रखने तथा मौजूदा भर्ती लंबित मामलों को दूर करने को भी कहा है।