दिल्ली कैंटोनमेंट स्थित राजपूताना राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर ने राष्ट्र्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय, देहरादून के कैडेटों और सिक्किम के बच्चों के एक समूह की मेजबानी की। यह पहल राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने और भारतीय सेना की परंपराओं से युवाओं को परिचित कराने के उद्देश्य से की गई थी।
आरआईएमसी के कैडेट अपने मध्यावधि पदयात्रा के दौरान रेजिमेंटल सेंटर पहुंचे, जबकि सिक्किम के बच्चे राष्ट्रीय एकता यात्रा में शामिल थे। इन यात्राओं से उन्हें सैन्य वातावरण का अनुभव करने और भारतीय सेना की सबसे पुरानी पैदल सेना रेजिमेंटों में से एक से जुड़ी इतिहास, परंपराओं और मूल्यों को समझने का अवसर मिला।
राजपूताना राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में आगंतुकों को रेजिमेंट की सैन्य विरासत और उन मूल्यों से परिचित कराया गया, जिन्होंने पीढ़ियों के सैनिकों को आकार दिया है। इस बातचीत के माध्यम से उन्हें अनुशासन, साथित्व, साहस और सेवा-भावना की भी व्यापक समझ मिली, जो सशस्त्र बलों के जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं।
ऐसे दौरे सशस्त्र बलों और देश के युवाओं के बीच दूरी कम करने के उद्देश्य से किए जाते हैं। इनमें अलग-अलग क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सैन्य कर्मियों से मिलने और सेना की संस्थाओं का प्रत्यक्ष अनुभव लेने का अवसर मिलता है।
आरआईएमसी के उन कैडेटों के लिए, जो सशस्त्र बलों में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं, यह दौरा रेजिमेंटल परंपराओं और सैन्य जीवन की समझ को गहरा करने का अवसर बना। वहीं सिक्किम के बच्चों की राष्ट्रीय एकता यात्रा ने देश के विभिन्न हिस्सों के युवाओं को राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों से जोड़ने के प्रयासों को उजागर किया।
भारतीय सेना ने कहा कि इन यात्राओं से युवा प्रतिभागियों में सैन्य विरासत, राष्ट्रीय एकता और सेवा-भावना के प्रति सराहना और मजबूत हुई।
यह पहल सेना के उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिनके तहत शैक्षिक यात्राओं, राष्ट्रीय एकता दौरों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने, नेतृत्व विकसित करने और राष्ट्र-निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।