मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के एक सेवानिवृत्त सेना कर्मी ने अपने लापता पालतू तोते गोपी को खोजकर लौटाने वाले को 21,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। पूर्व सैनिक की यह भावनात्मक अपील सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में आ गई है, और लोग तोते को उसके परिवार से मिलाने के लिए संदेश और पोस्टर साझा कर रहे हैं।
सेवानिवृत्त सेना कर्मी चंदन मिश्रा सोहागपुर पुलिस थाना क्षेत्र के बंगंगा मेला मैदान के पास सोहागपुर के निवासी हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी पीड़ा व्यक्त की, जिसमें बताया कि उनका पालतू तोता शनिवार दोपहर उड़ गया था।
शुरुआत में परिवार ने गोपी की जानकारी देने या उसे वापस लाने में मदद करने वाले को 11,000 रुपये देने की घोषणा की थी। लेकिन खोज के बावजूद सफलता न मिलने पर इनाम की राशि बढ़ाकर 21,000 रुपये कर दी गई, ताकि अधिक लोग इस लापता पक्षी को ढूंढने में मदद करें।
मिश्रा ने बताया कि वह लगभग एक वर्ष पहले अनूपपुर जिले के अमरकंटक से यह युवा तोता लेकर आए थे। समय के साथ यह पक्षी परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गया और घर के सभी सदस्यों से उसका गहरा लगाव हो गया।
हरे रंग का यह तोता, जिसे परिवार प्यार से गोपी और मिट्ठू कहकर बुलाता है, अपने मिलनसार स्वभाव और मानव आवाज की नकल करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। परिवार का कहना है कि वह कुछ शब्द बोल सकता है और परिवार के सदस्यों की आवाज पहचानता है, इसलिए उसका खो जाना उनके लिए बेहद दुखद है।
परिवार ने सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्टरों के जरिए तोते की पहचान से जुड़ी जानकारी भी साझा की है। उनके अनुसार तोते के गले में काला घेरा है और पीठ पर अलग पहचान वाले निशान हैं, जिनकी मदद से कोई उसे पहचानकर वापस लौटा सके।
परिवार के मुताबिक, शनिवार को जब छोटे सदस्य उसके साथ खेल रहे थे, तभी वह उड़ गया। उन्होंने उसके खुद लौट आने का इंतजार किया, लेकिन शाम तक गोपी वापस नहीं आया। इसके बाद उन्होंने आसपास की छतों, पेड़ों और निकटवर्ती इलाकों में व्यापक तलाश शुरू की।
लगातार प्रयासों के बावजूद परिवार तोते का पता नहीं लगा सका। भावुक मिश्रा ने लोगों से गोपी को खोजने में मदद की अपील की और कहा कि वह उसके सुरक्षित लौट आने तक उपवास रखेंगे।
परिवार ने स्थानीय पुजारी से भी संपर्क किया है और एक विशेष हवन-पूजन कराने की योजना बना रहा है, ताकि उनके प्रिय पालतू की सुरक्षित वापसी हो सके।
इनाम की असामान्य घोषणा और तोते से पूर्व सैनिक का भावनात्मक लगाव सोशल मीडिया पर खासा ध्यान खींच रहा है। कई उपयोगकर्ताओं ने इस अपील को साझा करते हुए उम्मीद जताई है कि खोज प्रयासों से गोपी उस परिवार से फिर मिल जाएगा, जिसने पिछले एक वर्ष से उसकी देखभाल की है।
यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि लोग अपने पालतू जानवरों से कितना गहरा भावनात्मक संबंध रखते हैं और उन्हें घर वापस लाने के लिए कितनी कोशिशें करते हैं।