बागडोगरा में 7 नवंबर 2026 को दिवाली के मौके पर भारतीय वायुसेना के कर्मियों से मुलाकात के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों से हर समय उच्च स्तर की परिचालन तैयारी बनाए रखने को कहा। उन्होंने उभरते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए क्षेत्रगत जागरूकता, साइबर सुरक्षा और सूचना की विश्वसनीयता मजबूत करने पर जोर दिया।
सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध की चुनौतियां अब अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर पारंपरिक सैन्य टकराव तक सीमित नहीं हैं। असममित युद्ध, प्रॉक्सी संघर्ष, साइबर हमले, ड्रोन के झुंड, सूचना अभियान और जनमत को प्रभावित करने की कोशिशें भी सैन्य अभियानों का अहम हिस्सा बन गई हैं।

उन्होंने आगाह किया कि विरोधी पक्ष सीधे सैन्य टकराव के बिना भी कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। सोशल मीडिया और दूसरे संचार माध्यमों पर भ्रामक जानकारी फैलाकर भ्रम पैदा किया जा सकता है, जनता का भरोसा कमजोर किया जा सकता है और सैन्यकर्मियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है।
रक्षा मंत्री ने वायुसेना कर्मियों से ऐसे प्रयासों के प्रति सतर्क रहने और सूचना की विश्वसनीयता बनाए रखने को कहा। साथ ही, उन्होंने नागरिक समुदायों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने पर जोर दिया।

सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बागडोगरा को खास तौर पर पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पूर्वी क्षेत्र में तैनात कर्मियों के समर्पण और पेशेवर रवैये की सराहना की। उनके मुताबिक, बागडोगरा में तैनात वायुयोद्धा पूर्वी भारत की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं और उनकी तैयारी क्षेत्रीय स्थिरता तथा देश की रक्षा तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण है।
बागडोगरा वायुसेना स्टेशन रणनीतिक रूप से संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास स्थित है। यह कॉरिडोर भारत के मुख्य भूभाग को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है। वायुसेना स्टेशन इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सैन्य विमानन और परिचालन जरूरतों को पूरा करता है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ अनुशासन, साहस, पेशेवर रवैया और संयम जैसे सैन्य मूल्यों को भी बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सैन्यकर्मियों का व्यवहार स्थानीय लोगों के बीच सशस्त्र बलों की छवि को प्रभावित करता है। उन्होंने बागडोगरा के आसपास के नागरिकों से संपर्क मजबूत करने और सेना तथा स्थानीय समुदायों के बीच बने भरोसे को कायम रखने का आग्रह किया।
सिंह के अनुसार, सेना और नागरिकों के बीच मजबूत संबंध शत्रुतापूर्ण दुष्प्रचार तथा सैन्यकर्मियों और जनता के बीच फूट डालने की कोशिशों का मुकाबला करने में मदद कर सकते हैं।
आत्मनिर्भर भारत के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए सिंह ने उन्नत सैन्य तकनीक विकसित करने में भारतीय रक्षा उद्योगों और स्टार्ट-अप के बढ़ते योगदान को सराहा। उन्होंने ड्रोन, ड्रोन-रोधी प्रणालियों और अन्य आधुनिक रक्षा उपकरणों के स्वदेशी विकास में हुई प्रगति का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध में इन क्षमताओं का महत्व बढ़ रहा है। रक्षा मंत्री ने स्वदेशी तकनीक अपनाने और ड्रोन युद्ध तथा साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में विशेष कौशल विकसित करने के लिए सशस्त्र बलों की सराहना की। उन्होंने सेना को अधिक तकनीक-आधारित और बदलती परिस्थितियों के अनुकूल बनाने के प्रयास जारी रखने को कहा।
मुलाकात के दौरान सिंह ने अग्निवीरों के लिए ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ पहल को केंद्रीय मंत्रिमंडल की हालिया मंजूरी का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे अग्निवीरों के लिए दिवाली का बड़ा तोहफा बताते हुए कहा कि इससे अग्निपथ योजना के तहत शुरुआती सेवा अवधि पूरी होने के बाद उन्हें देश की सेवा का एक और मौका मिलेगा।
घोषित व्यवस्था के तहत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा। यह अवधि पूरी करने के बाद वे नियमित सैनिक के रूप में भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे, बशर्ते वे इसके इच्छुक हों और तय चयन मानदंडों को पूरा करें। सिंह ने कहा कि यह पहल युवा सैन्यकर्मियों के पेशेवर विकास और भविष्य के अवसरों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
रक्षा मंत्री ने सशस्त्र बलों के कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने वायुयोद्धाओं और उनके परिवारों को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि कई सैन्यकर्मी त्योहारों पर भी घर से दूर तैनात रहते हैं, ताकि देशभर के लोग सुरक्षित और शांतिपूर्वक उत्सव मना सकें।
सिंह ने सैन्य परिवारों के त्याग और सहयोग के लिए आभार जताया और कहा कि देश उनके प्रियजनों के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने परिवारों की भूमिका को सैन्यकर्मियों के मनोबल और सशस्त्र बलों की प्रभावशीलता के लिए अहम बताया।
इस मुलाकात में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित, बागडोगरा वायुसेना स्टेशन के एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर मनीष शर्मा और भारतीय वायुसेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।