ब्रिगेडियर एसएस पुंडीर ने 3 नवंबर 2026 को जादवपुर विश्वविद्यालय स्थित एनसीसी की दो इकाइयों का दौरा कर प्रशिक्षण सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दोनों इकाइयों की तैयारियों का जायजा लिया और प्रशिक्षण तथा प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
ब्रिगेडियर पुंडीर, एनसीसी निदेशालय पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम के अंतर्गत आने वाले एनसीसी ग्रुप मुख्यालय कोलकाता ‘बी’ के ग्रुप कमांडर हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय में 2 वेस्ट बंगाल एयर स्क्वाड्रन एनसीसी और 4 वेस्ट बंगाल टेक्निकल स्क्वाड्रन एनसीसी के कार्यालय परिसरों तथा प्रशिक्षण सुविधाओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि मौजूदा सुविधाएं कैडेटों की प्रशिक्षण जरूरतों के लिए कितनी उपयुक्त हैं। उन्होंने कार्यक्षमता बढ़ाने और कैडेटों को बेहतर प्रशिक्षण माहौल देने के लिए जारी बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों की प्रगति भी परखी।

ग्रुप कमांडर ने दोनों स्क्वाड्रन के स्थायी अनुदेशक (पीआई) स्टाफ और असैन्य कर्मचारियों से भी बातचीत की। उन्होंने प्रशासनिक समन्वय, प्रशिक्षण की प्रभावशीलता और संगठन के कामकाज में सुधार के लिए मार्गदर्शन दिया। साथ ही, प्रशिक्षण सुविधाओं का स्तर ऊंचा रखने और उपलब्ध संसाधनों का कुशल उपयोग करने पर जोर दिया।
व्यक्तिगत शारीरिक फिटनेस भी बातचीत का प्रमुख विषय रही। ब्रिगेडियर पुंडीर ने कर्मियों से फिटनेस के उच्च मानक बनाए रखने को कहा। उन्होंने शारीरिक तैयारी को अनुशासन, नेतृत्व और पेशेवर दक्षता का जरूरी हिस्सा बताया। उनके अनुसार, अच्छी सुविधाएं, प्रभावी प्रशासन और शारीरिक फिटनेस मिलकर सीखने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा चरित्र निर्माण के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं।
दौरे के दौरान एनसीसी इकाइयों में अनुशासन, समर्पण और निरंतर सुधार की संस्कृति बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। अनुदेशक और असैन्य कर्मचारियों के साथ चर्चा में पेशेवर मानकों और संगठन की प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।

राष्ट्रीय कैडेट कोर अपनी थल सेना, नौसेना और वायु सेना शाखाओं के माध्यम से युवाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण देता है। इसका उद्देश्य नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय सेवा की भावना विकसित करना है। जादवपुर विश्वविद्यालय की दोनों स्क्वाड्रन विशेष प्रशिक्षण के जरिए कैडेटों के समग्र विकास में योगदान देती हैं। एनसीसी का आदर्श वाक्य ‘एकता और अनुशासन’ है।